शनिदेव को क्यों प्रिय है काले तिल, चढ़ाने से हट जाएगा शनि दोष
By: Team Aapkisaheli | Posted: 09 Feb, 2026
हिंदू धर्म में शनिदेव को न्याय का देवता माना जाता है। वे व्यक्ति के कर्मों के अनुसार फल देते हैं। शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या अशुभ दृष्टि से लोग अक्सर परेशान रहते हैं। ऐसे में शनि को प्रसन्न करने के लिए कई उपाय बताए गए हैं, जिनमें काले तिल का विशेष महत्व माना जाता है। कहा जाता है कि शनिदेव को काले तिल अर्पित करने से न सिर्फ शनि दोष शांत होता है, बल्कि शनि दोष से भी राहत मिलती है।
शनिदेव और काले रंग का संबंधशनिदेव का संबंध काले रंग से माना जाता है। उनका वाहन कौआ, वस्त्र और प्रभाव सभी काले रंग से जुड़े हैं। काले तिल भी इसी रंग के होते हैं, इसलिए इन्हें शनि का प्रिय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, काले तिल में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने की क्षमता होती है, जिससे शनि की अशुभता कम होती है।
काले तिल का धार्मिक महत्वकाले तिल को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना गया है। इसका इस्तेमाल दान, हवन, पूजा और पितृ कार्यों में भी किया जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि काले तिल का दान करने से पापों का नाश होता है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। शनिदेव को काले तिल चढ़ाने से व्यक्ति के जीवन में स्थिरता आती है।
काले तिल चढ़ाने से कैसे शांत होता है शनि दोषशनिवार के दिन शनिदेव को काले तिल अर्पित करने से शनि दोष शांत होता है। माना जाता है कि काले तिल शनि की कठोरता को कम करते हैं और उनके क्रोध को शांत करते हैं। नियमित रूप से यह उपाय करने से जीवन में आ रही रुकावटें कम होने लगती हैं और मेहनत का फल मिलने लगता है।
काले तिल चढ़ाने का सही तरीकाशनिवार के दिन सुबह स्नान कर साफ-सुथरे कपड़े पहनें। शनि मंदिर में जाकर शनिदेव को सरसों का तेल, काले तिल और दीपक अर्पित करें। पूजा के समय “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें। इसके बाद जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल का दान करना और भी शुभ माना जाता है।
किन लोगों को जरूर करना चाहिए यह उपायजिन लोगों की कुंडली में शनि दोष, साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो, उन्हें यह उपाय जरूर करना चाहिए। इसके अलावा जो लोग बार-बार असफलता, धन हानि या मानसिक तनाव से गुजर रहे हैं, उनके लिए भी यह उपाय लाभकारी माना जाता है।
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