Parenting Tips: इस तरह करें बच्चों की बेहतर परवरिश, घर आए मेहमान भी करेंगे तारीफ
By: Team Aapkisaheli | Posted: 11 Feb, 2026
हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे न सिर्फ पढ़ाई में अच्छे हों, बल्कि व्यवहार, संस्कार और समझदारी में भी सबसे आगे रहें। बच्चों की परवरिश केवल उनकी ज़रूरतें पूरी करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि उन्हें एक अच्छा इंसान बनाना भी उतना ही ज़रूरी होता है। जिस घर के बच्चे शिष्ट, समझदार और आत्मविश्वासी होते हैं, वहां आने वाले मेहमान भी माता-पिता की परवरिश की तारीफ किए बिना नहीं रहते।
बच्चों से शालीनता और संस्कारों से बात करना सिखाएंबच्चों का व्यवहार सबसे पहले घर से ही बनता है। अगर माता-पिता घर में शालीन भाषा का प्रयोग करेंगे, बड़ों का सम्मान करेंगे और धैर्य से बात करेंगे, तो बच्चे भी वही सीखेंगे। नमस्ते, धन्यवाद, माफ कीजिए जैसे छोटे शब्द बच्चों के व्यक्तित्व को बड़ा बनाते हैं। जब बच्चे मेहमानों से आदर और विनम्रता से बात करते हैं, तो यह परवरिश की सबसे बड़ी पहचान बन जाती है।
अनुशासन और प्यार में सही संतुलन बनाकर रखेंअच्छी परवरिश के लिए न तो ज़रूरत से ज़्यादा सख्ती ठीक है और न ही जरूरत से ज़्यादा ढील। बच्चों को नियमों की ज़रूरत होती है, लेकिन उन नियमों के पीछे प्यार और समझदारी भी होनी चाहिए। जब माता-पिता प्यार से नियम समझाते हैं, तो बच्चे उन्हें आसानी से अपनाते हैं। अनुशासन बच्चों को जिम्मेदार बनाता है और प्यार उन्हें भावनात्मक रूप से मजबूत करता है। यही संतुलन बच्चों के व्यवहार को सकारात्मक बनाता है।
बच्चों की बात ध्यान से सुनें और उन्हें महत्व देंअक्सर माता-पिता बच्चों को छोटा समझकर उनकी बातों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं, लेकिन यही आदत बच्चों को चुप और जिद्दी बना देती है। जब आप बच्चों की बात ध्यान से सुनते हैं, तो उन्हें लगता है कि उनकी राय मायने रखती है। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे खुलकर अपनी भावनाएँ व्यक्त करते हैं। ऐसे बच्चे सामाजिक रूप से भी अधिक समझदार और व्यवहारिक होते हैं, जिसकी तारीफ हर कोई करता है।
बच्चों को जिम्मेदारी और आत्मनिर्भरता सिखाएंबच्चों को छोटी-छोटी जिम्मेदारियाँ देना उनकी सोच और व्यवहार को निखारता है। जैसे अपना कमरा साफ़ रखना, अपने खिलौने संभालना या मेहमानों को पानी देना। इससे बच्चों में आत्मनिर्भरता आती है और वे दूसरों की मदद करना सीखते हैं। जब बच्चे जिम्मेदार बनते हैं, तो उनका व्यवहार अपने आप ही परिपक्व और सराहनीय हो जाता है।
खुद अच्छा उदाहरण बनेंबच्चों को उपदेश देने से ज्यादा जरूरी है खुद वैसा बनकर दिखाना। माता-पिता का व्यवहार, बोलचाल और आदतें बच्चों पर गहरा असर डालती हैं। अगर आप दूसरों का सम्मान करेंगे, शांति से बात करेंगे और सही व्यवहार अपनाएंगे, तो बच्चे भी वही सीखेंगे। यही अच्छी परवरिश का सबसे प्रभावी तरीका है।
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