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Moms & Baby Care : बच्चे की मुस्कान के पीछे माँ की मानसिक सेहत का हाथ

By: Team Aapkisaheli | Posted: 26 Mar, 2026

Moms & Baby Care : बच्चे की मुस्कान के पीछे माँ की मानसिक सेहत का हाथ
अकसर जब घर में नन्हा मेहमान आता है तो पूरा परिवार उत्सव के माहौल में डूब जाता है। हर कोई बच्चे के वजन उसके खान पान और उसकी नींद की चर्चा करता है। लेकिन इस पूरी प्रक्रिया के केंद्र में जो माँ है उसकी मानसिक स्थिति पर बात करना हम अक्सर भूल जाते हैं। आधुनिक रिसर्च यह साबित कर चुकी है कि बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास सीधे तौर पर माँ की मानसिक स्थिति से जुड़ा होता है। 
क्यों ज़रूरी है माँ की खुशहाली: 
बच्चे के जन्म के बाद के पहले कुछ महीने जिसे चौथी तिमाही कहा जाता है माँ के लिए शारीरिक और भावनात्मक रूप से सबसे चुनौतीपूर्ण होते हैं। हार्मोनल उतार चढ़ाव और नींद की कमी के कारण कई माताएं पोस्टपार्टम डिप्रेशन का शिकार हो जाती हैं। डॉक्टर सलोनी शर्मा जो एक सीनियर साइकोलॉजिस्ट हैं उनका कहना है -कि मातृत्व का मतलब खुद को भूल जाना नहीं है। जब एक माँ अपनी मानसिक सेहत का ख्याल रखती है तो वह अनजाने में ही अपने बच्चे को भावनात्मक रूप से मज़बूत और सुरक्षित बना रही होती है। माँ की सेल्फ केयर स्वार्थ नहीं बल्कि एक ज़रूरत है। 

घर के माहौल का असर: 

एक तनावमुक्त माँ अपने बच्चे के साथ बेहतर तरीके से जुड़ पाती है। जब माँ खुश होती है तो उसका शरीर ऑक्सीटोसिन जैसे हैप्पी हार्मोन्स रिलीज करता है जो बच्चे को सुरक्षित महसूस कराते हैं। इसके विपरीत माँ का तनाव बच्चे में चिड़चिड़ापन और भविष्य में व्यवहार संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। 

परिवार के लिए कुछ जरूरी सुझाव: 
पहला सुझाव यह है कि परिवार को सहयोग का हाथ बढ़ाना चाहिए। घर के कामों और बच्चे की ज़िम्मेदारी में माँ का हाथ बटाएं और उसे अकेला महसूस न होने दें। दूसरा सुझाव यह है कि माँ को दिन में कम से कम 20 मिनट खुद के लिए दें ताकि वह संगीत सुन सके या किताब पढ़ सके। तीसरा सबसे जरूरी सुझाव यह है कि तुलना न करें क्योंकि हर माँ और हर बच्चे का सफर अलग होता है। उन पर परफेक्ट मॉम बनने का दबाव न डालें। 

पीडियाट्रिशियन डॉक्टर विकास खन्ना के अनुसार– रिसर्च बताते हैं कि माँ की खुशी बच्चे के स्वस्थ भविष्य की नींव है। एक स्वस्थ समाज के लिए हमें अपनी माताओं के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी ही होगी। एक खुशहाल बच्चा एक खुशहाल माँ की परछाई होता है। अगर आप एक नई माँ हैं तो याद रखें कि आप एक सुपरवुमन होने से पहले एक इंसान हैं। अपनी सेहत का ख्याल रखना आपके बच्चे के लिए आपका सबसे बड़ा उपहार है। 
- हेमलता शर्मा, जयपुर

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