5 of 5 parts

कैसा ये इश्क है....

By: Team Aapkisaheli | Posted: 07 Mar, 2014

कैसा ये इश्क है....
कैसा ये इश्क है....
किसी से अचानक प्यार हो जाना और हमेशा उसमें खोए रहना यह सब अपने आप से नहीं होता औन ना ही दिल से, बल्कि यह प्रकृति की सरंचना है। हमारे मस्तिष्क में होने वाली कुछ रासायनिक क्रियाएं तथा जीन सम्बन्धी संरचनाएं और विषेशताएं ही प्यार हो जाने का प्रमुख आधार होती है, क्योंकि इस दौरान व्यक्ति के बौडी में जैव रासायनिक समीकरण जन्म लेते हैं और यह अभिक्रिया उसे प्रकृति के मकसद को पूरा करने की दिशा की ओर ले जाती है और इन्हीं की बदौलत प्यार और उसकी गहराई तय होती है। प्यार में भावनाओं और संवेदनाओं के साथ कुछ और चीजों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है,  उनमें एक है आंखें। प्रेम में एक-दूसरे की आंखों में देखने का बहुत महत्व है। लगातार एक-दूसरे के प्रति आकर्षित महसूस करते हैं।
कैसा ये इश्क है.... Previous
How is this love

Mixed Bag

News

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोने और चांदी में लौटी तेजी; कीमतें 5,828 रुपए तक बढ़ीं
लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद सोने और चांदी में लौटी तेजी; कीमतें 5,828 रुपए तक बढ़ीं

Ifairer


Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0