1 of 1 parts

होली 2026 : हल्दी से लेकर पालक तक, केमिकल रंगों को कहें ना, घर पर बनाएं नेचुरल कलर

By: Team Aapkisaheli | Posted: 28 Feb, 2026

होली 2026 : हल्दी से लेकर पालक तक, केमिकल रंगों को कहें ना, घर पर बनाएं नेचुरल कलर
नई दिल्ली। रंगों और खुशियों से भरा त्योहार होली 4 मार्च को है, जो बसंत की शुरुआत और फसल कटाई का जश्न मनाता है। लोग इसमें एक-दूसरे को लाल, नीला और समेत अन्य रंगों में सराबोर कर जश्न मनाते हैं। लेकिन बाजार में मिलने वाले ज्यादातर सिंथेटिक रंगों में हानिकारक केमिकल, धातु के कण और कांच के टुकड़े होते हैं, जो त्वचा पर एलर्जी, जलन, आंखों में इरिटेशन और लंबे समय तक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं। 
भारत सरकार का माई गवर्मेंट पोर्टल प्राकृतिक रंगों के बारे में जानकारी देता है। पोर्टल के अनुसार, ये रंग पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचाते हैं क्योंकि इन्हें विघटित होने में बहुत समय लगता है। ऐसे में पर्यावरण और स्वास्थ्य की रक्षा के लिए घर पर प्राकृतिक सामग्री से रंग बनाना सबसे अच्छा विकल्प है। ये रंग त्वचा के लिए सुरक्षित, बच्चों के लिए अनुकूल और पूरी तरह पर्यावरण हितैषी होते हैं। इन्हें किचन या बगीचे में उपलब्ध चीजों से आसानी से तैयार किया जा सकता है। 

लाल रंग: - चुकंदर सबसे आसान और गहरा लाल रंग देता है। 2-3 चुकंदर को छीलकर कद्दूकस करें, पानी में उबालें या ब्लेंडर में पीसकर रस निकालें। इस रस को छानकर इस्तेमाल करें। सूखा गुलाल बनाने के लिए रस में कॉर्नस्टार्च या आटा मिलाकर धूप में सुखाएं। वैकल्पिक रूप से लाल गुड़हल (हिबिस्कस) या लाल गुलाब की पंखुड़ियों को उबालकर रंग निकाल सकते हैं। अनार के छिलके या टमाटर का जूस भी लाल रंग देते हैं। 

पीला रंग:- हल्दी पाउडर को पानी में मिलाकर उबालें, फिर छान लें। इसे बेसन, चावल के आटे या कॉर्नस्टार्च में मिलाकर पीला गुलाल बनाएं। गेंदे (मैरिगोल्ड) की पंखुड़ियों को उबालकर भी चमकीला पीला रंग तैयार होता है। ये रंग त्वचा पर चमकदार और सुरक्षित रहता है। 

हरा रंग:- पालक, धनिया या अन्य साग की पत्तियों को अच्छी तरह धोकर पानी में उबालें। पत्तियों को ब्लेंड करें और रस निकालें। इसे छानकर इस्तेमाल करें। नीम की पत्तियां भी हरा रंग देती हैं और एंटी-बैक्टीरियल गुण वाली होती हैं। सूखे गुलाल के लिए रस को कॉर्नस्टार्च में मिलाकर धूप में सुखाएं। 

गुलाबी रंग: चुकंदर के रस को थोड़ा पतला करके गुलाबी शेड पा सकते हैं। गुलाब की पंखुड़ियां या नयनतारा के फूल उबालकर भी गुलाबी रंग बनता है। प्याज के छिलकों को उबालने से हल्का गुलाबी रंग निकलता है। 

नीला रंग: - बटरफ्लाई पी या विष्णुकांता के फूलों को पानी में भिगोकर या उबालकर नीला रंग निकालें। जैकरांडा फूल भी नीला रंग देते हैं। इसे कॉर्नस्टार्च में मिलाकर सूखा गुलाल बनाएं। 

नारंगी रंग:- पलाश के फूल या मेहंदी (जेतुका) के पत्तों को उबालकर नारंगी रंग तैयार करें। हल्दी और चुकंदर के रस को मिलाकर भी नारंगी शेड बन सकता है। ये रंग बनाने में आसान हैं और इनमें कोई केमिकल नहीं होता। घर पर बनाकर परिवार के साथ होली खेलें, ताकि त्योहार खुशियों के साथ-साथ सुरक्षित और हरा-भरा बने। 

#वक्ष का मनचाहा आकार पाएं


Holi 2026, March 4, Synthetic Colors, Chemical Toxicity, Skin Care, Organic Gulal, DIY Natural Colors, Dermatology Tips, Spring Harvest,

Mixed Bag

Ifairer