तमिलनाडु : मदुरंथकम और धारापुरम उपचुनाव के लिए डीएमके ने परांथामेन, सुगन्या को मैदान में उतारा
By: Team Aapkisaheli | Posted: 09 , 2026

पॉलिटिकल डेस्क। चेन्नई डीएमके ने बुधवार को मदुरंतकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनावों के लिए अपने उम्मीदवार घोषित किए। साथ ही, तमिलनाडु की तीन महीने पुरानी टीवीके सरकार के लिए पहली चुनावी परीक्षा का मंच तैयार हो गया है।
डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने मदुरंतकम सीट के लिए पार्टी के प्रवक्ता और लीगल विंग के संयुक्त सचिव आई. परंथामेन को उम्मीदवार बनाया है जबकि राजनीति में नई आईं एस. सुगन्या धारापुरम से चुनाव लड़ेंगी।
सत्ताधारी टीवीके और एआईएडीएमके ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। परांथामेन ने 2021 और 2026 के बीच विधानसभा में एग्मोर का प्रतिनिधित्व किया। इस साल के राज्य चुनाव में उन्हें टिकट से वंचित कर दिया गया था।
डीएमके की भारी हार के बाद उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता पी.के. सेकरबाबू की सार्वजनिक रूप से आलोचना की थी और नेतृत्व से सुधारात्मक कदम उठाने को कहा था। उस दखल के बावजूद परांथामेन पार्टी के प्रति पूरी तरह वफादार बने रहे हैं और उनके चयन को संगठन के प्रति उनकी लगातार प्रतिबद्धता की मान्यता के तौर पर देखा जा रहा है।
स्टालिन ने कहा कि दोनों उम्मीदवारों को सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस के समर्थन से मैदान में उतारा जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस, सीपीआई(एम), सीपीआई, वीसीके और आईयूएमएल जैसे बड़े सहयोगियों के डीएमके से अलग होकर मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की अगुवाई वाली टीवीके को समर्थन देने के बाद यह गठबंधन काफी छोटा हो गया है।
एआईएडीएमके के विधायकों मदुरंतकम के के. मरगथम कुमारवेल और धारापुरम की पी. सत्यभामा के अपनी सीटों से इस्तीफा देकर टीवीके में शामिल होने के बाद ये पद खाली हुए। ऐसी व्यापक उम्मीद है कि सत्ताधारी पार्टी इन दोनों पूर्व विधायकों को मैदान में उतारेगी। हालांकि, अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
वोटिंग 6 अक्टूबर को होगी और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को की जाएगी। नॉमिनेशन की प्रक्रिया 9 सितंबर को शुरू हुई और 16 सितंबर तक चलेगी। मदुरंतकम में आदर्श आचार संहिता पहले ही लागू हो चुकी है। यहां कुल 2,11,295 मतदाता हैं, जिनमें 1,03,943 पुरुष, 1,07,288 महिलाएं और 64 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। मदुरंतकम और धारापुरम तमिलनाडु में अभी खाली पड़ी सात विधानसभा सीटों में शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने तिरुचि ईस्ट, अंबासमुद्रम, विरलिमलाई, पेरुंदुरई और करूर के लिए उपचुनावों की घोषणा नहीं की है क्योंकि चुने गए उम्मीदवारों से जुड़ी चुनाव याचिकाएं अभी भी लंबित हैं। उन पांच निर्वाचन क्षेत्रों में चुनाव कराने पर लगी रोक को 8 सितंबर तक बढ़ा दिया गया।
डीएमके के जल्द कदम उठाने के बाद अब सबकी नजरें टीवीके और एआईएडीएमके पर हैं क्योंकि वे उन दो निर्वाचन क्षेत्रों से कहीं ज्यादा अहम मुकाबले के लिए अपने उम्मीदवारों को अंतिम रूप दे रहे हैं। इस नतीजे से यह भी पता चलने की उम्मीद है कि क्या हाल ही में विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद विपक्ष ने अपनी खोई हुई जमीन वापस पा ली है। -आईएएनएस
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