आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित अधिग्रहण के विरोध में कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल का किया ऐलान

By: Team Aapkisaheli | Posted: 20 Oct, 2026

आईडीबीआई बैंक के प्रस्तावित अधिग्रहण के विरोध में कर्मचारियों ने दो दिवसीय हड़ताल का किया ऐलान

बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 

आईडीबीआई बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की यूनियन ने कनाडा स्थित फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स ग्रुप को बैंक की प्रस्तावित बिक्री के विरोध में हड़ताल करने के लिए बैंक प्रबंधन को नोटिस दिया है। यह हड़ताल बैंक की सभी शाखाओं और कार्यालयों में की जाएगी। यूनियन की ओर से जारी बयान के अनुसार, देशव्यापी दो दिवसीय भूख हड़ताल 2 और 3 नवंबर को आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य उस सौदे को रोकना है, जिसके तहत सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की हिस्सेदारी कम की जाएगी और प्रबंधन का नियंत्रण फेयरफैक्स ग्रुप को सौंप दिया जाएगा। 

ऑल इंडिया आईडीबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन से मिलकर बनी इस यूनियन ने मांग की है कि सरकार प्रस्तावित बिक्री पर रोक लगाए और आईडीबीआई बैंक में कम से कम 6 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदे। यह हिस्सेदारी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) से या खुले बाजार के जरिए खरीदी जा सकती है, ताकि बैंक में सरकार की हिस्सेदारी न्यूनतम 51 प्रतिशत बनी रहे। 

यूनियन ने कहा कि इससे दिसंबर 2003 में संसद में दिए गए उस आश्वासन का सम्मान होगा, जिसमें सरकार ने बैंक में बहुमत हिस्सेदारी बनाए रखने की बात कही थी। यूनियन ने लिखित और कानूनी रूप से बाध्यकारी आश्वासन भी मांगे हैं जिसमें कर्मचारियों की मौजूदा सेवा शर्तों, कल्याणकारी उपायों, पेंशन लाभों और आरक्षण नीतियों की सुरक्षा शामिल हैं। अगर बैंक की बिक्री आगे बढ़ती है, तो यूनियन ने मौजूदा कर्मचारियों और अधिकारियों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्थानांतरित होने का विकल्प देने की मांग की है। इसके तहत उनकी सेवा अवधि, वेतनमान, वरिष्ठता, वेतन और सेवानिवृत्ति संबंधी लाभ सुरक्षित रखे जाने चाहिए। 

यूनियन ने आईडीबीआई बैंक में कार्यरत आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को भी समायोजित करने की मांग की है। यूनियन ने प्रस्तावित बिक्री का विरोध करते हुए कहा कि इससे बैंक की वित्तीय स्थिति में सुधार होने के बावजूद उसका सार्वजनिक क्षेत्र का स्वरूप प्रभावित होगा। 

यूनियन ने निजीकरण के जमाकर्ताओं, किसानों, छोटे कर्जदारों और कर्मचारियों पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर भी चिंता जताई है। साथ ही कहा कि बैंक ने औद्योगिक विकास में सहयोग दिया है और वित्तीय समावेशन तथा सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं सहित सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया है। 

यूनियन ने बैंक कर्मचारियों, ट्रेड यूनियनों, ग्राहकों, जमाकर्ताओं और नागरिक समाज संगठनों से अपने आंदोलन का समर्थन करने की अपील की है। उसने कहा कि वह सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन चेतावनी दी कि यदि उसकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जा सकता है। इसमें लंबी अवधि की या अनिश्चितकालीन हड़ताल भी शामिल है। -आईएएनएस

क्या देखा अपने उर्वशी रौतेला का गॉर्जियास अवतार

7 कमाल के टिप्स: ऎसे संवारे लडके अपनी त्वचा...

ये बातें भूल कर भी न बताएं गर्लफ्रेंड को...


Mixed Bag

Ifairer