लगातार चौथे सत्र में टूटा सोना, पिछले 4 दिनों में एमसीएक्स पर 2.37 प्रतिशत सस्ता हुआ भाव
By: Team Aapkisaheli | Posted: 28 , 2026

बिजनेस डेस्क। मुंबई भारतीय सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भी जारी रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के वायदा भाव में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
शुरुआती कारोबार में अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने के वायदा कॉन्ट्रैक्ट का भाव अपने पिछले बंद 1,58,996 रुपए से 427 रुपए यानी 0.26 प्रतिशत गिरकर 1,58,569 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं, कारोबार के दौरान एक समय सोना 1,57,842 रुपए प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक फिसल गया, जो दिन में लगभग 1,154 रुपए या 0.72 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है।
शुक्रवार की गिरावट के साथ पिछले चार कारोबारी सत्रों में एमसीएक्स पर सोने की कीमत 5,845 रुपए यानी 2.37 प्रतिशत तक घट चुकी है। यह दर्शाता है कि हाल के दिनों में पीली धातु पर लगातार बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
हालांकि हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन एमसीएक्स पर चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली, जहां सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 2,796 रुपए यानी 1.16 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,43,447 रुपए प्रति किलोग्राम ट्रेड करती नजर आई।
दिन के कारोबार में यह अपने पिछले बंद 2,40,651 रुपए से 1,602 रुपए यानी 0.66 प्रतिशत गिरकर 2,39,049 रुपए पर खुली, लेकिन दिन के कारोबार में इसने 3,049 रुपए यानी 1.26 प्रतिशत की तेजी दिखाते हुए 2,43,700 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने की कीमतों में कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों की निगाहें जैक्सन होल सम्मेलन में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श के भाषण पर टिकी हुई हैं।
बाजार निवेशक अमेरिकी ब्याज दरों की भविष्य की दिशा से जुड़े संकेतों का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इनका असर सीधे तौर पर सोने की मांग पर पड़ता है।
वैश्विक बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.5 प्रतिशत गिरकर 4,576.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह सोने ने तीन महीने से अधिक के उच्च स्तर को छुआ था। वहीं अमेरिकी सोना वायदा भी 0.8 प्रतिशत गिरकर 4,629 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता दिखा।
विश्लेषकों का कहना है कि सप्ताह की शुरुआत में तेज उछाल के बाद अब निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं और अमेरिकी मौद्रिक नीति के संभावित रुख का आकलन कर रहे हैं। डॉलर की चाल, बॉन्ड यील्ड और ब्याज दरों की दिशा सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग को प्रभावित कर सकती है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार, सोने के लिए निकट अवधि में 1,59,500 रुपए से 1,60,000 रुपए का स्तर प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) क्षेत्र माना जा रहा है। इसके ऊपर 1,62,000 रुपए से 1,62,500 रुपए का अगला प्रतिरोध क्षेत्र है।
दूसरी ओर 1,57,600 रुपए से 1,57,000 रुपए का स्तर तत्काल समर्थन (सपोर्ट) प्रदान कर सकता है, जबकि इसके नीचे 1,55,500 रुपए से 1,55,000 रुपए का मजबूत समर्थन क्षेत्र मौजूद है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आरएसआई (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) अभी 60.93 पर है, जो सकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, लेकिन यह हाल ही में अत्यधिक खरीदी वाले स्तर से तेजी से नीचे आया है।
इससे संकेत मिलता है कि सोने की तेजी की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है और बाजार संतुलन की ओर बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीति संकेतों, डॉलर इंडेक्स और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों पर सोने की दिशा काफी हद तक निर्भर करेगी। फिलहाल निवेशकों की नजरें जैक्सन होल सम्मेलन से मिलने वाले संकेतों पर बनी हुई हैं। -आईएएनएस
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