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सेब के साथ कहीं आप लाखों बैक्टीरिया तो नहीं निगल रहे?

By: Team Aapkisaheli | Posted: 25 July, 2019

सेब के साथ कहीं आप लाखों बैक्टीरिया तो नहीं निगल रहे?
सेब के साथ कहीं आप लाखों बैक्टीरिया तो नहीं निगल रहे?
लंदन। अगली बार जब आप अतिरिक्त  फाइबर के लिए सेब खाएं तो यह याद रखिए कि आप करीब 10 करोड़ बैक्टीरिया निगलने जा रहे हैं। और ये बैक्टीरिया हानिकारक या लाभदायक हैं, यह इस बात पर र्निभर करेगा कि सेब का पैदावार किस तरह से हुआ है।
 
शोधकर्ताओं का कहना है कि सेब में अधिकांश बैक्टीरिया मौजूद रहते हैं लेकिन यह इस पर निर्भर करता है कि आप किस तरह का सेब खाते हैं या सेब आर्गेनिक है। उनका कहना है कि जैविक रूप से उगाए गए सेब में परंपरागत रूप से उगाए गए सेब की तुलना विविध प्रकार और संतुलित बैक्टीरिया होते हैं जो उसे स्वास्थ्यकारी और स्वादिष्ट बनाते हैं।

आस्टिया के ग्रेज यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्रोलॉजी के प्रोफेसर गैबरियल बर्ग ने बताया, ‘‘बैक्टीरिया, फंगी और वायरस भोजन के द्वारा  हमारी आंतों में पहुंचते हैं। भोजन पकाने के दौरान इनमें अधिकतर मारे जाते हैं, इसलिए  फल और कच्ची सब्जियां विशेष तौर पर आंतों में बैक्टीरिया के महत्वपूर्ण स्रोत हैं।’’

माइक्रोबायलॉजी पर जर्नल फ्रंटीयर में प्रकाशित अध्ययन में परंपरागत रूप से भंडाररित और खरीदे गए सेबों और ताजा आर्गेनिक सेबों के बीच बैक्टी रिया की तुलना की गई।

नीचे थोड़ा छितराया हुआ स्टेम, पील, गुदा, बीज और कैलिक्स (पुंजदल) -जहां फूल होता है, का अलग से विश£ेषण किया गया। कुल मिलाकर यह पाया गया कि परंपरागत और आर्गेनिक दोनों सेबों में बैक्टीरिया की संख्या समान थी।   

बेग ने बताया, ‘‘प्रत्सेक सेब के घटकों को औसत रूप से एक साथ रखने पर, हमने अनुमान लगाया कि 240 ग्राम सेब में करीब 10 करोड़ बैक्टीरिया हैं।’’

अधिकांश बैक्टीरिया बीज में पाए गए और बाकी के अधिकतर फ्लेश में थे। इसलिए अगर आप बीज कोष को हटा दें तो आपके खाने में बैक्टीरिया की संख्य में 1 करोड़ तक की कमी आ जाएगी।

अब प्रश्र यह है कि क्या ये बैक्टीरिया आपके लिए अच्छे या लाभकारी हैं?

बेग ने व्याख्या करते हुए कहा, ‘‘ताजा और जैविक रूप से प्रबंधित सेबों में परंपरागत रूप से प्रबंधित सेबों की तुलना में महत्वपूर्ण रूप से अधिक विविधता, सम और विशिष्ट बैक्टीरिया का समुदाय पाया जाता है।’’

बैैक्टीरिया का विशिष्ट समूह जो स्वास्थ्य पर संभावित रूप से असर डालने के लिए जाने जाते हैं, का भी मूल्यांकन जैविक सेब के पक्ष में किया गया।


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मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा, "एक चीज जो मैंने अपने बारे में सीखी है, वह यह कि मुझे अलग, भीड़ से दूर रहना पसंद है। मैंने खुद से प्यार किया है। मैंने बहुत से लोगों को शिकायत करते देखा कि वे घर पर बोर हो चुके हैं या वे बाहर नहीं जा सकते। मैं भी एक एक्सट्रोवर्ट हूं, मैं एक बहुत ही सामाजिक व्यक्ति हूं, लेकिन इस क्वारंटाइन ने मुझे यह एहसास दिलाया है कि मैं लोगों से मिलने की बजाय अलगाव पसंद करती हूं, क्योंकि मैं वास्तव में लोगों के संपर्क में नहीं हूं।"उन्होंने आगे कहा, "मैं किताबे पढ़ने पर जोर दे रही हूं, ज्यादा टेलीविजन नहीं देखा, लेकिन अब शो देखना शुरू कर दिया है। मैंने अपनी मां के साथ बहुत समय बिताया है, और ईमानदारी से कहूं तो ऐसे दिन भी थे जब मैंने कुछ नहीं किया।"भूमी का कहना है कि आत्म-प्रेम खुशी की चाबी है और उसने इस लॉकडाउन में खुद को प्राथमिकता दी है।उन्होंने आगे कहा, "मैंने जीवन में जो कुछ भी महत्वपूर्ण है, उसे प्राथमिकता दी है। मैंने खुद को फिर से शिक्षित किया है। लेकिन सबसे बड़ी सीख यह रही है कि मुझे अकेले रहना बहुत पसंद है।" (आईएएनएस)

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