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कीर्ति कुल्हाड़ी ने महिलाओं को भेजा संदेश, जो चाहती है कर लेती हैं महिलाएं

By: Team Aapkisaheli | Posted: 16 Aug, 2019

कीर्ति कुल्हाड़ी ने महिलाओं को भेजा संदेश, जो चाहती है कर लेती हैं महिलाएं
मुंबई। भारत के 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कीर्ति कुल्हाड़ी  ने महिलाओं को एक मजबूत और उत्साहजनक संदेश भेजा है। अभिनेत्री का मानना है कि महिलाएं ‘‘शक्तिशाली, अति मजबूत होती हैं और वास्तव में वह अपने जीवन में जो चाहती है कर लेती हैं।’’

कीर्ति ने आईएएनएस को बताया, ‘‘लोग महिला सशक्तीकरण की बात करते हैं। बात जब महिलाओं की आती है तो सशक्तीकरण एक गलत शब्द है, क्योंकि सशक्तीकरण उसका किया जाता है, जो कमजोर हो। जब आप सशक्तीकरण के विचार को आगे बढ़ाते हैं तो दूसरी तरफ महिलाओं को भी यह महसूस करवाते हैं कि आप कमजोर हो और आपको सशक्तीकरण की जरूरत है। मैं बिल्कुल ऐसा नहीं मानती। मेरे मानना है कि महिलाएं काफी शक्तिशाली होती हैं।’’

कीर्ति का मानना है कि महिलाओं को अंदर से सशक्त महसूस करना चाहिए, नहीं तो बदलाव नहीं आ पाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘मैं समझती हूं कि उन्हें ऐसा महसूस करना चाहिए कि वे शक्तिशाली हैं और वे सबकुछ कर सकती हैं, जो अपने जीवन में पाना चाहती है। यही वह दृष्टिकोण है जो हर महिला के मन में पैदा होने के समय से ही विकसित होना चाहिए।’’

काम के मोर्चे पर कीर्ति की नवीनतम फिल्म ‘मिशन मंगल’ आज रिलीज हुई है। इस फिल्म का निर्देशन जगन शक्ति ने किया है, जो पांच महिला वैज्ञानिकों की कहानी पर आधारित है, जो मंगल पर एक सैटेलाइट भेजने के मिशन पर है। इस फिल्म में विद्या बालन, सोनाक्षी सिन्हा, तापसी पन्नू, नित्या मोहन और अक्षय कुमार भी हैं।
(आईएएनएस)

#बॉलीवुड सेलिब्रिटीज सफेद रंग के लिबास में


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मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार 
करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है
 जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा,
मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा, "एक चीज जो मैंने अपने बारे में सीखी है, वह यह कि मुझे अलग, भीड़ से दूर रहना पसंद है। मैंने खुद से प्यार किया है। मैंने बहुत से लोगों को शिकायत करते देखा कि वे घर पर बोर हो चुके हैं या वे बाहर नहीं जा सकते। मैं भी एक एक्सट्रोवर्ट हूं, मैं एक बहुत ही सामाजिक व्यक्ति हूं, लेकिन इस क्वारंटाइन ने मुझे यह एहसास दिलाया है कि मैं लोगों से मिलने की बजाय अलगाव पसंद करती हूं, क्योंकि मैं वास्तव में लोगों के संपर्क में नहीं हूं।"उन्होंने आगे कहा, "मैं किताबे पढ़ने पर जोर दे रही हूं, ज्यादा टेलीविजन नहीं देखा, लेकिन अब शो देखना शुरू कर दिया है। मैंने अपनी मां के साथ बहुत समय बिताया है, और ईमानदारी से कहूं तो ऐसे दिन भी थे जब मैंने कुछ नहीं किया।"भूमी का कहना है कि आत्म-प्रेम खुशी की चाबी है और उसने इस लॉकडाउन में खुद को प्राथमिकता दी है।उन्होंने आगे कहा, "मैंने जीवन में जो कुछ भी महत्वपूर्ण है, उसे प्राथमिकता दी है। मैंने खुद को फिर से शिक्षित किया है। लेकिन सबसे बड़ी सीख यह रही है कि मुझे अकेले रहना बहुत पसंद है।" (आईएएनएस)

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