पंचांग: पितृ कार्य और मोक्ष प्राप्ति के लिए उत्तम मानी जाती है चतुर्दशी तिथि, दोपहर 3:15 से 5:02 बजे तक अमृत काल
मौनी अमावस्या : ईश्वर और पितरों की आराधना, दान-पुण्य का विशेष दिन, मिलेगी पितृदोष से शांति
गुरुवार को बन रहे हैं खास योग, यहां जानिए शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की चाल