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नए दौर के गहने

By: Team Aapkisaheli | Posted: 18 Dec, 2017

नए दौर के गहने
युग कोई भी रहा हो गहने हमेशा से महिलाओं की पसन्द रहे हैं और ज्वैलर्स ने भी इस बात का ध्यान रखा है कि महिलाओं की पसन्द को ध्यान में रखते हुए गहने बाजार में उतारे जाएं। आइए जानते हैं कि इस जमाने में महिलाएं किस तरह कि गहने पसन्द करती हैं— 
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गहने पहनने से महिलाएं और भी सुंदर दिखती है। इसके अलावा यह एक अच्छा इन्वेस्टमेंट पोल्की का चलन है। पारंपरिक होने के कारण महिलाएं पोल्की डिजाइन को बहुत शौक से पहनती हैं।  मॉडर्न युग में रूटीन में पहनने के लिए हल्के गहने भी बनाए जाते हैं। आजकल नथ और नाक की लौंग के बाजार में खास डिजाइन उपलब्ध हैं।  लौंग सबसे छोटा गहना होता है, लेकिन खूबसूरती से बनाया गया लौंग महिला के चेहरे पर रौनक ला देता है। मीनाकारी, रूबी, डायमंड और प्लेन गोल्ड की डिजाइन में लौंग उपलब्ध होते हैं। नथ 25 पैसे के सिक्के जितनी बडी या उससे थोडी बडी होती है जो महिलाओं की पसन्द को ध्यान में रखकर बनाई जाती है।  राजस्थानी नथ डांडला के नाम से मशहूर हैं। जो लगभग 980 मिली ग्राम में बनाई जाती है। नथ में दो लाल मोतियों के बीच सफेद मोती बेहद खूबसूरत लगता है। और काफी चलन में भी है। राजस्थानी विवाह के अवसर पर दुल्हन का नथ पहनना जरूरी होता है, इसलिए वह बहुत शौक से अपनी पसंद के डिजाइन की नथ पहनती है।  नाक पर नथ या लौंग की जगह छोटी बालियां पहनने का भी ट्रेंड है, जिसे वेस्टर्न या ट्रेडिशनल दोंनों तरह की डे्रसेज के साथ पहना जा सकता है। क नथ मोती, स्टोन, मीनाकारी, प्लेन सोने और नवरत्न सोने में बनाई जाती है।  आजकल फ्यूजन स्टाइल की ज्वैलरी भी पसंद की जाती है। शिफॉन हो या सिल्क साडियां, युवतियां उन पर कमरबंद पहनना पसंद करती है । सिंह इज किंग फिल्म के एक गीत में कैटरीना कैफ ने अपनी पतली कमर पर कमरबंध पहनी है जिससे कमर और भी खूबसूरत लगती है।  फ्यूजन कमरबंध का चलन आजकल ज्यादा है, लेकिन पारंपरिक डिजाइन भी कमतर नहीं है। इन दिनों सोना महंगा है, लेकिन भारी गहनों के विकल्प के रूप में हल्की ज्वेलरी भी डिजाइन की जा रही है। इसके अलावा चंादी के साथ जरकन डायमंड का तालमेल भी खूब सराहा जा रहा है। ज्वेलरी से एलर्जी
आजकल महिलाएं डे्रस से मैच करती तरह-तरह की जंक, टेराकोटा या वुडन ज्वेलरी पहनना पसंद करती है । लेकिन जंक ज्वेलरी पहनने से पहले यह जांच लें कि आपको ये गहने सूट करते हैं भी या नहीं। कई बार आर्टिफिशियल ज्वेलरी पहनने से त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली, फफोले व दाने उभर आते हैं और त्वचा में पस भी पड जाती है। कई महिलाओं को कान व नाक के गहने पहनने के 1 घंटे के भीतर खुजली होने लगती है और कुछ घंटो के अंदर त्वचा पर घाव या फफोले हो जाते हैं। धातुओं से एलर्जी का प्रभाव ज्यादातर त्वचा की ऊपरी सतह पर ही होता है। कई बार यह घाव इतना भयंकर होता है कि दाग को मिटने में सालों लग जाते हैं, इसलिए ऎसी धातुओं को शरीर पर धारण न ही करे, तो बेहतर है। यूं तो सोने, चांदी, हीरे या किसी भी धातु से एलर्जी हो सकती है, पर ज्यादातर एलर्जी आर्टिफिशियल ज्वेलरी में मौजूद विकल्प निकल धातु से होती है। बेहतर होगा कि अगर आप अपने लिए जंक ज्वेलरी खरीदने जा रही हैं, तो पहले यह देख लें कि किसी भी तरह की धातु से आपको एलर्जी तो नहीं। एक बार गहने पहनने पर ही आपको खुजली और जलन शुरू होने लगे, तो इन्हें उतार दें।

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