1 of 1 parts

बाजार की पाठशाला: क्या है आईपीओ और कैसे इसके जरिए निवेशक बन सकते हैं मालामाल, समझिए कमाई का पूरा गणित

By: Team Aapkisaheli | Posted: 14 Jan, 2026

बाजार की पाठशाला: क्या है आईपीओ और कैसे इसके जरिए निवेशक बन सकते हैं मालामाल, समझिए कमाई का पूरा गणित
मुंबई। शेयर बाजार की दुनिया में कदम रखने वाले हर नए निवेशक के मन में अक्सर एक सवाल जरूर कौंधता है कि आखिर यह आईपीओ क्या बला है और लोग इसमें पैसा लगाने के लिए इतने उत्साहित क्यों रहते हैं। सरल और स्पष्ट शब्दों में कहें तो आईपीओ यानी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग वह जरिया है जिसके जरिए कोई भी प्राइवेट कंपनी पहली बार आम जनता के बीच अपने शेयर उतारती है। यह एक ऐसा मंच है जहां कंपनी और निवेशक दोनों के लिए तरक्की के नए रास्ते खुलते हैं। 
जब कोई कंपनी अपने शुरुआती दौर या विकास के चरण में होती है और उसे अपना कारोबार बढ़ाने, पुराना कर्ज चुकाने या नई योजनाओं पर काम करने के लिए बड़े फंड की जरूरत होती है, तो वह शेयर बाजार का रुख करती है। अब तक जो कंपनी केवल अपने प्रमोटरों या कुछ खास बड़े निवेशकों के भरोसे चल रही थी, वह आईपीओ के जरिए आम लोगों को अपना हिस्सेदार बनने का न्योता देती है। इस प्रक्रिया में कंपनी अपने मालिकाना हक का कुछ हिस्सा छोटे-छोटे शेयरों में बांटकर बाजार में बेचती है। आम निवेशकों के लिए यह इसलिए भी खास होता है क्योंकि उन्हें किसी बड़ी और भविष्य की दिग्गज बनने वाली कंपनी में बिल्कुल जमीनी स्तर पर यानी शुरुआती कीमत पर निवेश करने का सुनहरा मौका मिलता है। 

आईपीओ में निवेश करने का सबसे आकर्षक पहलू है लिस्टिंग गेन। शेयर बाजार में अक्सर देखा जाता है कि जब किसी मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनी का शेयर लिस्ट होता है, तो वह अपने तय प्राइस बैंड से काफी ऊंचे भाव पर खुलता है। उदाहरण के लिए अगर किसी कंपनी का आईपीओ प्राइस 100 रुपये है और बाजार में उसकी डिमांड के चलते वह 150 रुपये पर लिस्ट हो जाता है, तो निवेशकों को पहले ही दिन प्रति शेयर 50 रुपये का तगड़ा मुनाफा हो जाता है। यही वह आकर्षण है जो निवेशकों को आईपीओ की तरफ खींचता है। हालांकि, आईपीओ केवल एक दिन की कमाई का जरिया नहीं है। 

बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि किसी अच्छी कंपनी के आईपीओ को लंबे समय तक पोर्टफोलियो में रखा जाए, तो यह वेल्थ क्रिएशन यानी संपत्ति बनाने का सबसे बेहतरीन माध्यम साबित हो सकता है। जैसे-जैसे कंपनी का मुनाफा बढ़ता है और उसका विस्तार होता है, उसके शेयरों की कीमत में भी कई गुना इजाफा होता है। इसके अलावा, कई कंपनियां अपने मुनाफे का एक हिस्सा डिविडेंड के रूप में भी साझा करती हैं, जिससे निवेशकों को निवेश पर नियमित आय भी मिलती रहती है। 

आईपीओ के जरिए निवेशक को न केवल मुनाफे में हिस्सेदारी मिलती है, बल्कि उसे कंपनी के अहम फैसलों में वोट देने का अधिकार भी प्राप्त होता है। यह एक तरह से कंपनी के भविष्य की ग्रोथ में भागीदार बनने जैसा है। साथ ही, आईपीओ निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करने यानी विविधता लाने में मदद करते हैं। अलग-अलग सेक्टर की उभरती कंपनियों में निवेश करके जोखिम को कम किया जा सकता है। लेकिन निवेशकों को यह हमेशा याद रखना चाहिए कि हर चमकती चीज सोना नहीं होती। 

किसी भी आईपीओ में पैसा लगाने से पहले कंपनी के बिजनेस मॉडल, उसकी वित्तीय सेहत और भविष्य की योजनाओं का गहराई से अध्ययन करना बेहद जरूरी है। सही जानकारी और सूझबूझ के साथ किया गया निवेश ही आईपीओ के बाजार में सफलता की गारंटी देता है। लेकिन, किसी भी आईपीओ में निवेश करने से पहले मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

#आसान Totka अपनाएं अपार धन-दौलत पाएं...


Initial Public Offering, IPO Investment Guide, Share Market India, Listing Gains, Stock Market for Beginners, Wealth Creation, Dividend Income, Portfolio Diversification, Market Pathshala, Investment Strategy,

Mixed Bag

Ifairer