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ग्रुप डिस्कशन है अहम

By: Team Aapkisaheli | Posted: 10 July, 2012

ग्रुप डिस्कशन है अहम
डिस्कशन के दौरान अन्य प्रतियोगियों की क्षमता को अपने से कमतर न आंकें। साथ ही अपनी बात आत्मविश्वास व पूरी दृढता से कहें। इन बातों का ग्रुप डिस्कशन के दौरान ध्यान रखेंगे तो निश्चित रूप से आप सफल होंगे।
आत्मविश्वास—ग्रुप डिस्कशन (जीडी) में सफल होने के बाद ही आप आज के दौर की अधिकतर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का स्वाद चख सकते हैं। इसके माध्यम से आपका अन्य प्रतिभागियों के साथ सहयोग, व्यवहार के अलावा अपनी बात सही, सटीक और समय पर सलीके से कहने का ढंग और विषय पर आपकी पकड को परखा जाता है। इसमें सफलता आपके व्यक्तित्व की दृढता और आत्मविश्वास पर निर्भर करती है । प्रतियोगिता चाहे पढाई की हो या नौकरी की, कुछ टिप्स को अपनाकर सफलता की सीढी पर चहलकदमी कर सकते हैं-
भाषा—अपना पक्ष प्रभावी रूप से रखने के लिए भाषा पर आपकी अच्छी पक़ड होना जरूरी है। इसके लिए पहले से ही आपको उच्चारण और शब्द ज्ञान को सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। शिष्टाचार—डिस्कशन के दौरान शिष्टाचार का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऎसी बातें नहीं करनी चाहिए, जिससे किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचे। अपनी बात रखते समय तार्किक रहें और कभी भी ज्यादा जोर से न बोलें। ज्यादा जोर से बोलना अच्छा नहीं माना जाता है। आपकी बातों में भटकाव या बिखराव नहीं होना चाहिए। आपका ध्यान विषय पर केंद्रित होना चाहिए। डिस्कशन के दौरान ठहाका लगाकर हंसना भी ठीक नहीं है और किसी के कमजोर तर्क या भाषा आदि का मजाक नहीं उडाना चाहिए।
विषय—अगर चर्चा की शुरूआत करनी है, तो उसी विषय पर बातचीत करें, जिसका आपको अच्छा ज्ञान हो। हां, चर्चा करते समय इस बात का ध्यान रखें कि टॉपिक का विषय, वातावरण और उस वक्त की जरूरत के हिसाब से ही हो।
बात—दमदार बातचीत के दौरान अगर प्रतियोगी दो पक्षों में बंट जाए और दोनों पक्षों में बहस छिड जाये तो बिना किसी पक्ष में रहते हुए अपनी बातों को तर्कपूर्ण तरीके से कहें। दूसरों की भी
सुनें—अच्छा वक्ता होने के लिए अच्छा श्रोता होना भी जरूरी है। साथी प्रतियोगी की बात ध्यान से सुनें। अगर किसी बात पर अपनी सहमति और असहमति व्यक्त करनी हो, तो शालीनता के साथ अपना पक्ष रखें। अपना पक्ष मनवाने के लिये फिजूल में बहस या जिद किसी भी सूरत में नहीं करनी चाहिए।
आक्रामकता नहीं—किसी पर हावी होने की कोशिश न करें। जिद्दी और आक्रामक रवैया आपके लिये नुकसानदायक हो सकता है। अगर अन्य प्रतियोगी आक्रामक रूख अख्तियार करें तो स्थिति को देखते हुए उसे मना करें।
टू द प्वाइंट—डिस्कशन के दौरान विषय से भटकाव आ जाये तो अपनी सूझबूझ से बातों-बातों में वापस विषय पर ला दें तो इसका प्रभाव अच्छा रहता है।

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