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डायटीशियन: बेहतरीन करियर

By: Team Aapkisaheli | Posted: 26 Mar, 2012

डायटीशियन: बेहतरीन करियर
एक दूसरे से आगे निकल जाने की होड ने आम लोगों की जीवनशैली ही बदल कर रख दी है जिसका सबसे ज्यादा असर लोगों के खान-पान पर पडा है। लोग परंपरागत खाने की बजाए फ ास्ट फूड और डिब्बा बंद खाद्य पदार्थो पर ज्यादा निर्भर रहने लगे हैं। लिहाजा लोग तेजी से मोटापा, डायबिटीज जैसी दूसरी गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। भाग-दौड की इस जिंदगी में कब, कितना और कौन सा खाना खाया जाए इसके लिए जरूरत पडती है डायटीशियन की। बदलते वक्त के साथ डायटीशियन की भूमिका भी बदली है। संतुलित भोजन के अलावा आकर्षक फि गर और मोटापे से निजात दिलाने में भी डायटीशियन आज अहम भूमिका निभा रहे हैं। हाल के वर्षों में लोगों की स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढी है। आज आम युवती से लेकर स्थापित मॉडल, फि ल्म अभिनेत्री, अभिनेता, बिजनेसमैन से लेकर नौकरीपेशा तक डायटीशियन की सलाह लेते हैं जिसका मकसद होता है तन के साथ-साथ मन को भी स्वस्थ्य रखना।
ये कहना गलत नहीं होगा कि एक कुशल डायटीशियन के लिए संभावनाओं का आकाश खुला है। चिकित्सकीय निदेर्शों के अलावा किसी भी रोगी को अपनी जीवन शैली, खान-पान की आदतें, आयु और पाचन-तंत्र का ध्यान रखना होता है। व्यक्तिगत और शारीरिक जरूरतों के हिसाब से सही डाइट के नियमों का पालन करने के लिए रोगी के इलाज के बाद भी डायटीशियन के दिशा-निदेर्शो की जरूरत पडती है। लिहाजा अस्पताल, नसिंüग होम, शिक्षा संस्थानों हॉस्टल्स, वृद्धाश्रमों, रक्षा-प्रतिष्ठानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में चलने वाली कैंटीनों, खेल संस्थानों में आसानी से रोजगार मिल जाता है। इसके अलावा सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों में भी कर्मचारियों को फि ट रखने के लिए डायटीशियन की सेवाएं ली जा रही हैं। डायटीशियन पाठ्यRम में दाखिला के लिए गृह विज्ञान, सूक्ष्म जीव विज्ञान, रसायन और औषधि विज्ञान में स्त्रातक होना जरूरी है।
कुछ पाठ्यRमों में होटल प्रबंधन और केटरिंग तकनीकी जैसे विषयों के विद्यार्थियों का प्रवेश भी लिया जाता है। इसके अलावा ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर पाठ्यRम में भोजन, विज्ञान, जैव रसायन, शरीर विज्ञान, जैव सांख्यिकी और शोध पद्धति, सूक्ष्म भोजन जैविकी संस्थागत प्रबंधन शामिल है। आजकल कई विश्वविद्यालयों में न्यूट्रीशन, डाइटेटिक्स और फू ड टेक्नोलॉजी में तीन वर्षीय कोर्स उपलब्ध हैं।
सफ लतापूर्वक पाठ्यRम पूरा करने वाले अभ्यर्थी को इंटर्नशिप करना जरूरी होता है। इसके बाद उन्हें रजिस्टर्ड डाइटीशियन की परीक्षा पास करनी होती है। इसके बाद ही वह न्यट्रीशनिस्ट और डायटीशियन्स के पद के योग्य होते हैं। एक डायटीशियन को कम से कम 12 हजार रूपए प्रतिमाह तक वेतन मिलता है। ज्यादा जानकारी के लिए इन शिक्षण संस्थानों से जानकारी हासिल की जा सकती है-
- उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद।
- डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, आगरा।
- रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर।
- दिल्ली विश्वविद्यालय इंस्टीट्यूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स।
- लेडी इरविन कॉलेज, दिल्ली।
- यूनिवर्सिटी ऑफ मैसूर।
- यूनिवर्सिटी ऑफ बॉम्बे, एमपी रोड, फोर्ट, मुंबई।

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