1 of 1 parts

ताली बजाकर रोगों का इलाज

By: Team Aapkisaheli | Posted: 06 Feb, 2012

ताली बजाकर रोगों का इलाज
हमारे देश में आरती या भजन गाते समय ताली बजाने की जो प्रथा है वह वैज्ञानिक है और शरीर और स्वास्थ के लिए बहुत ही लाभदायक है। ताली बजाने से न सिर्फ रोगों के आक्रमण से रक्षा होती है बल्कि कई रोगों का इलाज भी हो जाता है। हाथों से नियमित रूप से ताली बजाकर कई रोग दूर किये जा सकते हैं। प्रतिदिन यदि नियमित रूप से कम से कम 1 या 2 मिनट ताली बजाई जाए तो फिर किसी प्रकार के व्यायाम या आसनों की जरूरत नहीं रहती। लगातार ताली बजाने से मानव शरीर में रोग प्रतिरोधक शक्ति की वृद्घि होती है जिससे शरीर रोगों के आक्रमण से बचने की क्षमता प्राप्त कर लेता है।
एक्यूप्रेशर चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से देखा जाए तो हाथ की हथेलियों में शरीर के सभी आन्तरिक उत्सर्जन संस्थानों के बिन्दू होते हैं व ताली बजाने से जब इन बिन्दुओं पर बार-बार दबाव पडता है तो सभी आन्तरिक संस्थान ऊर्जा पाकर अपना काम सुचारू रूप से करते हैं-जिससे शरीर स्वस्थ और निरोग बनता है।
ताली बजाने से शरीर की अतिरिक्त वसा कम होती है। जिससे मोटापा कम होता है, शरीर के विकार नष्ट होते हैं, वात, पित्त, कफ का संतुलन ठीक रहता है। ताली बजाने के इस प्राकृतिक साधन का उपयोग करने का लाभ तभी मिल सकता है जब हमारी दिनचर्या में अप्राकृतिक साधनों का उपयोग कतई नहीं हो। जब हम प्रकृति का नाश करते हैं तो वह भी हमसे बदला लेती है और हमारी प्रकृति को विकृति में बदल देती है। विकृति ही व्याधि है विकार ग्रस्त होना रोगी होना है। ताली बजाना मन की प्रसन्नता का भी प्रतीक है। इस कारण प्रसन्नता में ताली बजाई जाती है।

Mixed Bag

  • Beauty Tips: रूखी और बेजान त्वचा के लिए पपीता फायदेमंद, बनाए रखता है नमी और प्राकृतिक चमकBeauty Tips: रूखी और बेजान त्वचा के लिए पपीता फायदेमंद, बनाए रखता है नमी और प्राकृतिक चमक
    आयुर्वेद और वैज्ञानिक शोध दोनों ही पपीते को त्वचा की नमी बनाए रखने और सेहत सुधारने में सहायक मानते हैं। पपीता में भरपूर मात्रा में विटामिन ए, सी, और ई मौजूद होते हैं, जो त्वचा के लिए बेहद जरूरी हैं। विटामिन ए त्वचा की कोशिकाओं पर काम करता है और ऊतकों को मजबूत बनाता है। विटामिन सी प्राकृतिक रूप से त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद करता है और उसे कोमल व चमकदार बनाता है।...
  • बिना पूजा पाठ के ना करें गृह प्रवेश, जानिए शुभ है या अशुभबिना पूजा पाठ के ना करें गृह प्रवेश, जानिए शुभ है या अशुभ
    बिना पूजा पाठ गृह प्रवेश शुभ है या अशुभ, यह एक आम सवाल है। हिंदू धर्म में, गृह प्रवेश के समय पूजा पाठ करना एक महत्वपूर्ण परंपरा......
  • Beauty Care: आंखों के नेचुरल फिल्टर का ऐसे रखें ख्याल, नीली रोशनी और यूवी से बचाव में हैं ये मददगारBeauty Care: आंखों के नेचुरल फिल्टर का ऐसे रखें ख्याल, नीली रोशनी और यूवी से बचाव में हैं ये मददगार
    एक्सपर्ट ने एक महत्वपूर्ण स्टडी का जिक्र करते हुए बताया कि इस अध्ययन में पाया गया कि ये पोषक तत्व आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद हैं। छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर आंखों को होने वाली बड़ी दिक्कतों से आसानी से बचाया जा सकता है। खास तौर पर ल्यूटीन और जेक्सैंथिन जैसे दो पोषक तत्व आंखों के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करते हैं। ये नीली रोशनी और हानिकारक किरणों को फिल्टर करके आंखों को नुकसान से बचाते हैं। लापरवाही करने से इनकी कमी हो सकती है।...
  • Astha aur Bhakti : नववर्ष में शुभ कार्य करने से पहले जान लें ये ज्योतिष सलाह, वरना हो सकता है भारी नुकसानAstha aur Bhakti : नववर्ष में शुभ कार्य करने से पहले जान लें ये ज्योतिष सलाह, वरना हो सकता है भारी नुकसान
    खरमास के समय सूर्य धनु राशि में रहते हैं, और इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, और नई दुकान या कारोबार शुरू करने जैसे शुभ-मांगलिक कार्यों से परहेज करना चाहिए। हालांकि, खरमास का मतलब ये भी नहीं है कि आप पूरी तरह से कुछ भी नहीं कर सकते। केवल मांगलिक और सांसारिक उत्सवों पर पाबंदी होती है। पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, जप-तप और दान-पुण्य करने के लिए यह समय बेहद शुभ माना जाता है।...

Ifairer