प्रदूषण के सवाल पर सदन से वॉकआउट, आप ने सरकार का किया घेराव
By: Team Aapkisaheli | Posted: 06 Jan, 2026
नई दिल्ली। दिल्ली में लगातार गंभीर होते प्रदूषण के मुद्दे पर मंगलवार को विधानसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। आम आदमी पार्टी (आप) ने आरोप लगाया कि प्रदूषण जैसे अहम जनहित के सवाल पर चर्चा से बचने के लिए सरकार सदन छोड़कर भाग गई। नेता प्रतिपक्ष आतिशी के नेतृत्व में आप विधायकों ने सदन के भीतर और बाहर प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की और सरकार से एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) को लेकर स्पष्ट जवाब मांगा।
आप का आरोप है कि जैसे ही विपक्ष ने प्रदूषण पर चर्चा की मांग उठाई, तो सत्ता पक्ष ने चर्चा से बचने के लिए वॉकआउट कर दिया। इस पर आतिशी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के संसदीय इतिहास में यह शायद पहली बार हुआ है जब सत्ता पक्ष ने विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन किया और फिर सदन छोड़कर चला गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और कहा कि सरकार के पास प्रदूषण पर जनता को देने के लिए कोई ठोस जवाब नहीं है।
आतिशी ने कहा कि आज दिल्ली की सबसे बड़ी समस्या प्रदूषण है। छोटे-छोटे बच्चे स्टेरॉइड और इन्हेलर के सहारे सांस ले रहे हैं, बुजुर्गों की जान पर बन आई है और एम्स समेत बड़े अस्पतालों में प्रदूषण से जुड़ी बीमारियों के मरीजों से बिस्तर भरे पड़े हैं। इसके बावजूद सरकार इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने से बच रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ ड्रामेबाजी कर अपनी नाकामियों को छिपाने की कोशिश कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने एक्यूआई मॉनिटरों से छेड़छाड़ के आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि पूरी दिल्ली और देश ने देखा है कि किस तरह एक्यूआई मॉनिटरों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि आंकड़ों को कम दिखाया जा सके, जबकि हकीकत यह है कि प्रदूषण के कारण लोगों की जान जा रही है।
आप ने मांग की कि इस तरह की दिखावटी कार्रवाई बंद की जाए और प्रदूषण पर तत्काल गंभीर चर्चा कर ठोस समाधान निकाला जाए।
आतिशी ने हाल ही में हुए एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि जब दुनिया के मशहूर फुटबॉलर लियोनेल मेसी दिल्ली आए और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता उनके साथ मंच पर मौजूद थीं, तब एक्यूआई-एक्यूआई के नारे लगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के सामने भारत की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली स्थिति है और यह दिखाता है कि प्रदूषण का मुद्दा आम जनता के लिए कितना गंभीर हो चुका है।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले भाजपा पंजाब में पराली जलाने को प्रदूषण का कारण बताती थी, लेकिन अब केंद्र सरकार के ही आंकड़े बता रहे हैं कि इस साल पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं न के बराबर हैं। इसके बावजूद दिल्ली की हालत बदतर है, जिससे साफ है कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर भी प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में विफल रही हैं।
आम आदमी पार्टी ने दो टूक कहा कि सत्ता पक्ष को राजनीति छोड़कर दिल्ली के सबसे जरूरी मुद्दे प्रदूषण पर सदन में जवाब देना होगा। आप विधायकों ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। -आईएएनएस
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