वित्त वर्ष 2026 में भारत का रत्न और आभूषण निर्यात बढ़त के साथ 27.72 अरब डॉलर पर पहुंचा
By: Team Aapkisaheli | Posted: 15 Apr, 2026

बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली भारत का रत्न और आभूषण (जेम्स और ज्वेलरी) निर्यात वित्त वर्ष 2026 में 27.72 अरब डॉलर (करीब 2,44,827.26 करोड़ रुपए) पर रहा। रुपए के हिसाब से इसमें 0.93 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष 2025 में यह 2,42,559.39 करोड़ रुपए था। डॉलर के लिहाज से देखें तो निर्यात में सालाना आधार पर 3.32 प्रतिशत की हल्की गिरावट आई है।
जेम एंड ज्वैलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) ने एक बयान में कहा कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब साल भर वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता, अमेरिका की बदलती टैरिफ नीति और पश्चिम एशिया में तनाव जैसी चुनौतियां बनी रहीं। इसके बावजूद यह भारत के जेम्स और ज्वेलरी सेक्टर में हो रहे बड़े बदलाव को दर्शाता है।
जीजेईपीसी के अध्यक्ष किरित भंसाली ने कहा, वित्त वर्ष 2025-26 भारतीय जेम्स और ज्वेलरी इंडस्ट्री के लिए बदलाव का दौर रहा है, जहां विकास अब एक ही बाजार पर निर्भर नहीं है। निर्यातकों ने नए देशों में विस्तार किया है और वैल्यू-एडेड प्रोडक्ट्स पर ज्यादा ध्यान दिया है। अमेरिका में टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण वहां निर्यात में गिरावट देखी गई, लेकिन यूएई, हांगकांग, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे बाजारों में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई।
किरित भंसाली ने बताया कि यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) ने निर्यात को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। अप्रैल-फरवरी 2026 के दौरान यूएई को निर्यात में 22 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज हुई, हालांकि क्षेत्रीय तनाव के कारण पूरे साल के लिए यह बढ़त 10.52 प्रतिशत तक सीमित रही और कुल निर्यात 8.70 अरब डॉलर रहा।
वहीं, ऑस्ट्रेलिया जैसे बाजारों में 38.33 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि देखी गई, जो यह दिखाता है कि एफटीए के जरिए नए बाजारों में विस्तार कितना महत्वपूर्ण है।
इस साल यूके और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ संभावित एफटीए लागू होने से जेम्स और ज्वेलरी निर्यात को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
कट और पॉलिश किए गए हीरे (डायमंड) इस सेक्टर में सबसे बड़ा योगदान देने वाला उत्पाद बना रहा, जिसकी हिस्सेदारी वित्त वर्ष 2026 में कुल निर्यात का 43.9 प्रतिशत रही। वहीं, सोने के आभूषणों (ज्वेलरी) का निर्यात, जिसमें सादे और जड़े हुए दोनों प्रकार शामिल हैं, लगभग स्थिर रहा और 11.36 अरब डॉलर पर रहा, जिसमें सालाना आधार पर 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्ज की गई।
उफ्फ्फ! ऐश ये दिलकश अदाएं...
क्या देखा अपने: दीपिका पादुकोण का ग्लैमर अवतार
लडकों की इन 8 आदतों से लडकियां करती हैं सख्त नफरत