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भारत का ई-सिगरेट को प्रतिबंधित करने का कदम दोषपूर्ण : कैंसर विशेषज्ञ

By: Team Aapkisaheli | Posted: 30 Aug, 2019

भारत का ई-सिगरेट को प्रतिबंधित करने का कदम दोषपूर्ण : कैंसर विशेषज्ञ
नई दिल्ली। कैंसर विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में हर हफ्ते तंबाकू का उपयोग, खासकर धूम्रपान भारी मात्रा में की जाती है। ऐसे में सरकार का ई-सिगरेट को प्रतिबंधित कर, सामान्य सिगरेट की बिक्री की अनुमति देना कहीं से उचित नहीं है।

बीसीबीपीएफ- द कैंसर फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक प्रेस मीट को संबोधित करते हुए, इटली के कैटेनिया विश्वविद्यालय में क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल मेडिसिन विभाग के रिकार्डो पोलोसा, मेलबर्न विश्वविद्यालय में साइकोलॉजी के प्रोफेसर रॉन बोरलैंड और यहां के अपोलो कैंसर संस्थान में वरिष्ठ सलाहकार व सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रोबोटिक्स समीर कौल ने देश में इलेक्ट्रॉनिक निकोटिन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएस) को प्रतिबंधित करने के कदम पर सवाल उठाया है।

यह दावा करते हुए कि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के सफेद कागजात ‘पक्षपात की एक उच्च संभावना’ को दर्शाता है, उन्होंने पूछा कि काउंसिल ने ‘जनता की स्वास्थ्य की रक्षा व उनका अधिक से अधिक हित’ करने के लिहाज से ई-सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की, लेकिन पारंपरिक सिगरेट पर उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया।

उन्होंने कहा कि पॉलिसी का निर्माण वैज्ञानिक रूप से ठोस सबूतों पर आधारित होना चाहिए और जहां इस तरह के सबूत शुरुआती अवस्था में हैं, वहां शोध को गति देने और प्रोत्साहित करने के प्रयासों पर ध्यान लगाना चाहिए। बीसीबीपीएफ- द कैंसर फाउंडेशन के संस्थापक व अध्यक्ष कौल ने इस फाउंडेशन के नेतृत्व में भारतीय विषयों पर एक देशव्यापी, क्रॉस सेक्शनल, प्रोत्साहन देने वाले अध्ययन की घोषणा की।

उन्होंने कहा, ‘‘ईएनडीएस, भारत में धूम्रपान की दरों की गिरावट में तेजी लाने और धूम्रपान छोडऩा चाह रहे लेकिन इसमें असमर्थ वयस्कों को ईएनडीएस जैसे वैकल्पिक उपायों तक उनकी पहुंच को आसान करता है।’’

हाल ही में इन तीनों विशेषज्ञों ने इंडियन जर्नल ऑफ क्लीनिकल प्रैक्टिस में आईसीएमआर के सफेद कागजात के महत्वपूर्ण समीक्षा पर आधारित वैज्ञानिक सबूतों पर सह-लेखन और प्रकाशन किया है।

पोलोसा ने कहा कि आईसीएमआर पेपर ने ‘निम्न गुणवत्ता के अध्ययन से संग्रहित किए गए सबूतों का एक अनौपचारिक मूल्यांकन प्रस्तुत किया है’ और उन्होंने ‘श्रेणी पर पूर्ण प्रतिबंध के लिए अपनी सिफारिश पर पुनर्विचार करने के लिए आईसीएमआर को मनाने’ के लिए ‘ईडीएस पर मौजूद सबूतों का विस्तृत, महत्वपूर्ण समीक्षा’ करने की मांग की।

बोरलैंड ने कहा कि ई-सिगरेट, धूम्रपान करने वालों के खतरे को कम करने के लिए और जनता के स्वास्थ्य को सुधारने का एक ‘विशेष औजार’ है। ऐसे में अगर भारत ई-सिगरेट के प्रतिबंध को कायम रखता है तो वह इस औजार को खो देगा। (आईएएनएस)

#बॉलीवुड डीवाज के फेवराइट बने झुमके


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मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार 
करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है
 जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा,
मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा, "एक चीज जो मैंने अपने बारे में सीखी है, वह यह कि मुझे अलग, भीड़ से दूर रहना पसंद है। मैंने खुद से प्यार किया है। मैंने बहुत से लोगों को शिकायत करते देखा कि वे घर पर बोर हो चुके हैं या वे बाहर नहीं जा सकते। मैं भी एक एक्सट्रोवर्ट हूं, मैं एक बहुत ही सामाजिक व्यक्ति हूं, लेकिन इस क्वारंटाइन ने मुझे यह एहसास दिलाया है कि मैं लोगों से मिलने की बजाय अलगाव पसंद करती हूं, क्योंकि मैं वास्तव में लोगों के संपर्क में नहीं हूं।"उन्होंने आगे कहा, "मैं किताबे पढ़ने पर जोर दे रही हूं, ज्यादा टेलीविजन नहीं देखा, लेकिन अब शो देखना शुरू कर दिया है। मैंने अपनी मां के साथ बहुत समय बिताया है, और ईमानदारी से कहूं तो ऐसे दिन भी थे जब मैंने कुछ नहीं किया।"भूमी का कहना है कि आत्म-प्रेम खुशी की चाबी है और उसने इस लॉकडाउन में खुद को प्राथमिकता दी है।उन्होंने आगे कहा, "मैंने जीवन में जो कुछ भी महत्वपूर्ण है, उसे प्राथमिकता दी है। मैंने खुद को फिर से शिक्षित किया है। लेकिन सबसे बड़ी सीख यह रही है कि मुझे अकेले रहना बहुत पसंद है।" (आईएएनएस)

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