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व्हिस्पर के अभियान में शामिल हुईं भूमि पेडनेकर

By: Team Aapkisaheli | Posted: 27 Feb, 2020

व्हिस्पर के अभियान में शामिल हुईं भूमि पेडनेकर
नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर व्हिस्पर के नए अभियान हैशटैगकिपगर्ल्सइनस्कूल में शामिल हुई हैं। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में आज भी माहवारी के चलते बच्चियां स्कूल जाना बंद कर देती हैं और इसी विषय पर जागरूकता फैलाना इस अभियान का मकसद है।

इस कैम्पेन या अभियान के तहत व्हिस्पर ने एक नया फिल्म लॉन्च किया है जिसमें इस तथ्य को उजागर किया जाएगा कि पांच में से एक लड़की हर साल महज इस वजह से स्कूल छोड़ रही है क्योंकि माहवारी का सही ज्ञान न होने के कारण वह इस दौरान खुद को संभालने में असक्षम रहती है।

व्हिस्पर ने साल 2020 के अंत तक पांच करोड़ लड़कियों तक पहुंचकर अपने मौजूदा मासिक धर्म स्वच्छता शिक्षा कार्यक्रम के प्रभाव को दोगुना करने का संकल्प लिया है।

अभियान के बारे में भूमि ने कहा, आज के जमाने में भी पीरियड्स एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर लोग बात करने से बचते हैं। इस दौरान बच्चियों को स्कूल भेजने से उनके घरवाले प्रभावित और चिंतित होते हैं और यह व्यक्तिगत तौर पर मुझे सोचने पर मजबूर करता है। मैं यह जानकर काफी हैरान हुई कि माहवारी पर पर्याप्त शिक्षा के अभाव में हर साल पांच में से एक बच्ची स्कूल छोड़ रही है। व्हिस्पर की इस पहल की शुरुआत एक ऐसे वक्त पर हुई है, जब भारत की युवा महिलाओं को सही ज्ञान और शिक्षा के साथ सशक्त बनाना हमारे देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, यह एक दुर्लभ अवसर है, जहां हम सभी सामूहिक रूप से बच्चियों की जिंदगी में बदलाव ला सकते हैं। (आईएएनएस)

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मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार 
करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है
 जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा,
मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर का कहना है कि वह खुद से प्यार करती हैं और महामारी के दौरान उन्होंने उन चीजों पर ध्यान केंद्रित किया है जो उन्हें खुश करती हैं। भूमि ने कहा, "एक चीज जो मैंने अपने बारे में सीखी है, वह यह कि मुझे अलग, भीड़ से दूर रहना पसंद है। मैंने खुद से प्यार किया है। मैंने बहुत से लोगों को शिकायत करते देखा कि वे घर पर बोर हो चुके हैं या वे बाहर नहीं जा सकते। मैं भी एक एक्सट्रोवर्ट हूं, मैं एक बहुत ही सामाजिक व्यक्ति हूं, लेकिन इस क्वारंटाइन ने मुझे यह एहसास दिलाया है कि मैं लोगों से मिलने की बजाय अलगाव पसंद करती हूं, क्योंकि मैं वास्तव में लोगों के संपर्क में नहीं हूं।"उन्होंने आगे कहा, "मैं किताबे पढ़ने पर जोर दे रही हूं, ज्यादा टेलीविजन नहीं देखा, लेकिन अब शो देखना शुरू कर दिया है। मैंने अपनी मां के साथ बहुत समय बिताया है, और ईमानदारी से कहूं तो ऐसे दिन भी थे जब मैंने कुछ नहीं किया।"भूमी का कहना है कि आत्म-प्रेम खुशी की चाबी है और उसने इस लॉकडाउन में खुद को प्राथमिकता दी है।उन्होंने आगे कहा, "मैंने जीवन में जो कुछ भी महत्वपूर्ण है, उसे प्राथमिकता दी है। मैंने खुद को फिर से शिक्षित किया है। लेकिन सबसे बड़ी सीख यह रही है कि मुझे अकेले रहना बहुत पसंद है।" (आईएएनएस)

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