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अंडरआम्र्स को बचाएं इनफेक्शन से

By: Team Aapkisaheli | Posted: 20 Apr, 2012

अंडरआम्र्स को बचाएं इनफेक्शन से
गर्मी का मौसम आते ही अंडरआम्र्स में पसीना आना आम है। पसीने की बदबू अंडरआम्र्स में अधिक होती है क्योंकि वहां ग्लैंड्स की अधिकता होती है। आजकल अधिकांश कपडे स्लीवलेस ही आते हैं और लडकियां, महिलाएं फैशन के हिसाब से स्लीवलेस ड्रेस पहनना पसंद करती हैं। लेकिन स्लीवलेस कपडे पहनने के लिए शरीर की स्वच्छता व सुन्दरता पर भी ध्यान देना आवश्यक हो जाता है। अंडरआम्र्स काफी नाजुक व संवदेनशील हिस्सा है व इनकी केयर ठीक प्रकार से नहीं करें तो इस हिस्से में इन्फेक्शन होने का डर रहता है। अंडरआम्र्स की देखभाल
1.नहाने के बाद अपनी स्किन पर ऎंटी परस्पिरैंट्स लगाएं ताकि जो बैक्टीरिया बॉडी की गंध को बढाते हैं वे खत्म हो जाएं।
2. महिलाएं अक्सर अंडरआम्र्स को शेव कर लेती हैं लेकिन ऎसा करने से स्किन पर दुष्प्रभाव पडता है तथा बालतोड भी हो सकता है या रेजर से स्किन कट सकती है तथा कटे पर जलन भी हो सकती है। इसलिए अंडरआम्र्स रेजर से कभी साफ न करें।
3.जिनको पसीना ज्यादा आता है उन्हें फंगल इन्फेक्शन होने की संभावना ज्यादा रहती है। इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय है सफाई पर विशेष ध्यान दे तथा जहां तक संभव हो सूती कपडे पहनें। रेशमी या सिंथेटिक कपडे पसीना नहीं सोख पाते हैं तथा ऎसे में इन्फेक्शन की संभावना और अधिक बढ जाती हैं। आप दिन भर में जो भी खाती हैं उसका शरीर की गंध से सीधा संबंध होता है इसलिए स्वास्थ्यवर्धक और फ्रैश खाना खाएं, ज्यादा लहसुन और मसालेदार खाने से शरीर की गंध बढती है, डिब्बाबंद खाने और मीट से बचें। 4.एक्स्पट्र्स के अनुसार खाने में तैलीय पदार्थ, प्रोटीन और मसाले तेज हैं तो इनकी गंध शरीर में खाना खाने के काफी देर बाद तक रहती है।
5.वैक्सिंग गलत तरीके से कराने पर भी अंडरआम्र्स पर लाल निशान व खुजली की समस्या उत्पन्न हो सकती है अत: किसी अनुभवी व्यक्ति से ही वैक्सिंग करायें तथा गर्मी व बरसात के मौसम में एयरकंडीशनर लगे रूम या पार्लर में ही वैक्सिंग करायें।
6.अधिक मात्रा में पानी, जूस पीने से शरीर में गंध कम होती है। सुबह खाली पेट 1 गिलास पानी 500 मिलीग्राम व्हीट ग्रास के साथ सेवन करें। इसमें उपस्थित क्लोरोफिल की मात्रा शरीर की गंध को कम करती है।
7.अगर अंडरआम्र्स पर किसी तरह का कोई इन्फेक्शन जैसे खुजली, रेशेज या दाने आदि हं तो किसी भी तरह का प्रोडक्ट इस्तेमाल न करें तथा स्किन एक्सपर्ट से सलाह लें।
8.किसी भी तरह का स्प्रे या डिओडोरेंट लगाने से स्किन पर रिएक्शन होने का खतरा हमेशा रहता है क्योंकि इन सभी प्रॉडक्ट्स में अल्कोहल काफी मात्रा में रहता है। डायरेक्ट स्किन पर स्पे्र ना करें। सेंसिटिव स्किन पर इनका प्रयोग हमेशा सावधानीपूर्वक करें ताकि कोई रिएक्शन न हो।
9.कपडा खरीदते समय रंगों का चयन ठीक से करें। काले रंग में गर्मी अधिक लगती है, पसीना भी अधिक निकलता है। सफेद ओर नीले रंग कूल कलर कहलाते हैं व ये अधिक लाभदायक होते हैं। एक बार पहन लेने के बाद उसी कपडे को बिना धोए न पहनें।
10.हेयर रिमूवल क्रीम से अंडरआम्र्स के बालों की सफाई न करें, इससे अंडरआम्र्स की स्किन काली पड जाती है। वैक्सिंग भी बालों को साफ कराने का सही विकल्प नहीं है। संभव हो तो पल्स्ड लाइट द्वारा इन्हें परमानेंट ही खत्म करवा लिया जाए। महीने में इसकी एक सिटिंग लेनी होती है व 5-6 सिटिंग में बाल बिल्कुल ही खत्म हो जाते हैं।
अंडरआम्र्स की गंध दूर करने के घरेलू नुस्खे 1. एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी,1 चम्मच चंदन, कुछ बूंदें ग्लिसरीन मिलाएं व गुलाबजल या आरेंज जूस 2 चम्मच में घोल लें। सप्ताह मे 3 बार नहाने से पूर्व इस पैक को लगाएं। इसके नियमित प्रयोग से स्किन निखरी व कोमल रहेगी। 2. 1 चम्मच जौ का आटा, 1/2 चम्मच चन्दन पाउडर, कैलामाइन पाउडर व मिल्क, 1/2 चम्मच शहद लेकर दही या गुलाबजल में घोलकर सप्ताह में 2-3 बार लगायें। इससे स्किन का कालापन दूर होगा।

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