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सातवें माह में ही तैयार कर लें मैटरनिटी बैग

By: Team Aapkisaheli | Posted: 03 May, 2012

सातवें माह में ही तैयार कर लें मैटरनिटी बैग
गर्भकाल के अंतिम माह में कभी भी प्रसव हो सकता है। इसलिए किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए सारे आवश्यक सामान के साथ तैयारी ऎसी होनी चाहिए ताकि आप तुरंत अस्पताल रवाना हो सकें। प्रसव का समय जैसे-जैसे नजदीक आता जाता है, वैसे-वैसे गर्भवती महिला की चिंताएं बढनी शुरू हो जाती है। सबसे बडी चिंता होती है कि प्रसव यदि अस्पताल में जाकर कराना है तो उसे कब, क्या लेकर जाना चाहिएक् गर्भवती महिला को यह नहीं पता होता कि प्रसव कब और किस समय होगा, इसलिए उसे अपने आपको पहले से मानसिक रूप से तैयार करना पडता है। गर्भावस्था के 7 वें माह की शुरूआत होते ही गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए अपना बैग तैयार कर लेना चाहिए। इससे प्रसव के समय कई तरह की असुविधाओं से बचा जा सकता है। प्रसव यदि समय से पहले हो जाता है तो उसे पहले से सब कुछ तैयार रखने के कारण परेशानी नहीं होती। प्रसव जहां पर करना है उसके संबंध में उनसे विचारविमर्श कर लेना चाहिए। गर्भवती महिला को अपने साथ क्या-क्या लेकर जाना है, इस बारे में अपनी उस डाक्टर से मशविरा कर लें जो आप की गर्भावस्था के दौरान नियमित चेकअप करती है। उनसे बातचीत करके मैटरनिटी बैग तैयार रखें। सबसे पहले तो एक छोटा बैग ले जिसे आसानी से उठाया जा सकें। उस में ऎसी 2-3 डे्रसेज रखें जो पहनने में आरामदायक हों, पुरानी ढीली-ढाली 2-3 टीशर्ट भी रखी जा सकती हैं। प्रसव के दौरान दर्द से सूखे होठों को राहत दिलाने के लिए लिप बाम, लिपस्टिक या पेट्रोलियम जैली रखें।
अपने बेग में हेयर ब्रश और लंबे बालों को बांधने के लिए हेयर बैंड जरूर रखें। अस्पताल में एडमिट होने के बाद यदि प्रसव में थोडा समय बाकी है तो इस दौरान रिलेक्स होने के लिए अपने पास म्यूजिक सिस्टम रखें, पर हेडफोन रखना न भूलें। यदि आप को पसीना अधिक आता है तो बैग में फेस क्लाथ में कोलोन की कुछ बूंदें डाल कर रखें, यह आप को पूरे समय फ्रेश रखेगा। गर्मियों के दिनों में हाथ का छोटा पंखा भी आप के चेहरे को ठंडा रखने मे सहायक हो सकता है। कई बार महिलाओं को प्रसव के समय अधिक ठंड लगती है, इसलिए अपने साथ मोटी जुराबें, गरम पानी की थैली, गरम जैकेट या शॉल जरूर रखें। प्रसव होने के बाद पहनने के लिए नाइटी या पाजामा, टीशर्ट अपने बैग मे रखें, याद रखें कि आगे से खुली नाइटी ही लें। इससे आपको बच्चो को फीड कराने में परेशानी नहीं होगी। यदि आप की गाइनेकोलोजिस्ट पहले से ही सीजेरियन की संभावना के बारे में आगाह करती है तो इसके लिए इस बात को जेहन में रखें कि आप को अस्पताल में ज्यादा दिन भी रहना पड सकता है। अत: अपने बैग में बाथरूम स्लीपर का एक जोडा भी रखे। बच्चो को फीड कराने के लिए प्रसव के बाद नसिंüग ब्रा या सामान्य ब्रा, जिसमें भी आप स्वयं को आरामदायक महसूस करें, रखें।
प्रसव के बाद चूंकि महिला को रक्तस्त्राव अधिक होता है, इसलिए अपने साथ कम से कम 24 सेनेटरी नेपकिन जरूर रखें। टूथपेस्ट, साबुन, शैंपू, कंडीशनर, हेयर ब्रश, कंघी जैसी चीजें अपने बैग में जरूर रखें। 2 तौलिए, बे्रस्ट पैड, निप्पल क्रीम बैग में रखना न भूलें। बच्चो का जरूरी सामान गर्भवती महिला प्रसव के समय अकेले जाती है लेकिन अपने साथ एक नया मेहमान लेकर आती है। प्रसव के बाद प्रसूता और बच्चो की देखभाल दोनों पर बराबर ध्यान देना पडता है। बच्चो के लिए भी 1-2 जोडी कपडें रखें। उस की साफ सफाई के लिए टावल और रूई रखें। यदि आप को अस्पताल में ज्यादा दिन रहना पडे तो इसके लिए बच्चो के रखरखाव की पूरी व्यवस्था करें। प्रसव के लिए जाने हेतु ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था पहले से कर लेें। यदि पति उस समय उपलब्ध न हों तो इसके लिए अस्पताल तक सुरक्षापूर्वक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था जरूर रखें। अस्पताल जाने के लिए यदि किसी और के साथ जाना पडे तो जिसके साथ जाना हो उसे पहले से ही रास्ता बता कर समझना चाहिए। महिला यदि घर में अकेली है, उसके आसपास कोई नहीं है तो उसे इमरजेंसी में एंबुलेंस को फोन करना चाहिए। कुछ भी करें लेकिन गर्भावस्था के दौरान स्वयं गाडी चला कर अस्पताल न जाएं क्योंकि इससे न केवल गर्भवती को खतरा है बल्कि आने वाले बच्चो का जीवन भी संकट में पड सकता है। गर्भवती महिला को हर समय अपने साथ अस्पताल, क्लीनिक, गाइनेकोलोजिस्ट, अपने पति, अपने नजदीकी रिश्तेदार, दोस्त, फे मिली मेबर के फोन नंबर अपने पास रखना चाहिए ताकि इमरजेसी में इन में से किसी को भी कॉल किया जा सके।

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