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उलझन रिश्तों की...

By: Team Aapkisaheli | Posted: 28 Feb, 2012

उलझन रिश्तों की...
रिश्तों की डोर काफी नाजुक होती है। रिश्तों में प्यार की मिठास हमेशा बनी रहनी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि आप कुछ बातों का ध्यान रखें। रिश्तों में यदि उलझने आ जाए तो उनको समय रहते सुलझाना जरूरी है ताकि आपकी जिंदगी हमेशा मुस्कुराती रहे। एक अनुमान के अनुसार 90 प्रतिशत तलाक के मामलों में पैसा मुख्य वजह रहा है। कुछ अध्ययनों से यह बात भी समाने आई है कि जहां पत्नी ज्यादा कमाती है, वहां भी तलाक की दर औसत से ज्यादा होती है।
रिश्तों में उलझनों के कारण और समाधान :
पैसा : रिश्ते में तनाव व मतभेद का सबसे ब़डा कारण पैसा होता है। ऎसा इसलिए होता है क्योंकि पैसा अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग चीजों का प्रतीक है। पैसा किसी के लिए पॉवर है तो किसी के लिए कंट्रोल, सिक्योरिटी या प्यार।
क्या करें: पैसे को रिश्ते में बराबरी करने का माध्यम या अधिपत्य जमाने का साधन न मानें। साथ मिलकर निर्णय करें कि किस तरह पैसे का सही उपयोग किया जाए। ज्वाइंट बंैक अकाउंट रखे, ताकि तेरे-मेरे पैसे का सवाल ही न उठे। एक दूसरे से आय, कर्ज, बैंक या क्रे डिट कार्ड स्टेटमेंट न छिपाएं। इंश्योरेस पॉलिसी, इंवेस्टमेंट प्लान आदि पर विचार-विमर्श करें। यदि कपल्स पैसे से जुडें दायित्वों को आपस में शेयर कर लें और पैसा खर्च करते समय एक-दूसरे से सलाह मशविरा लें तो पैसा कभी भी रिश्तों में समस्या नहीं बन पाएगा।
विश्वास की कमी : विश्वास की कमी भी रिश्ते टूटने का एक प्रमुख कारण बन जाती है। प्यार का दूसरा नाम ही विश्वास होता है। जहां विश्वास नहीं है वहां परूार भी नहीं है। आप गलत न भी हों, पर जीवनसाथी से बातें छिपाना उसके विश्वास को तोडने जैसा ही होता है। आपके किसी व्यवहार की वजह से पार्टनर का संदेह करना, कुछ बातें अनकही रह जाना, गलतफहमियो को दूर न करना आदि बातें अविश्वास को जन्म देती हैं।
समाधान : आप जो कहते हैं, वही करें। किसी तरह की टालमटोल न करें। यदि घर मे देरी हो रही हो तो अपने पार्टनर को सूचित अवश्य करें और देरी का कारण भी बताएं। कभी अपने साथी से झूठ न बोलें। बहस या गलतफहमी होने पर अपने साथी की बातें धैर्य से सुने क्योंकि तभी आप जान पाएंगे कि सही और गलत क्या है। पार्टनर का विश्वास जीतने के लिए आपको भी यह जताना होगा कि आप हमेशा उसके साथ हैं और वह हर छोटी-ब़डी बात आपसे शेयर कर सकता है।
सेक्स: सेक्स वैवाहिक जीवन को मजबूती प्रदान करता है। लेकिन रिश्तों के बिखरने में भी सेक्स का अह्म योगदान होता है। जिन जोडों के बीच सेक्स संबंध अच्छे नहीं होते, वे डिप्रेशन के शिकार तो रहते ही हैं,अपने काम व अन्य रिश्तों पर भी ठीक से ध्यान नही दे पाते हैं। सेक्स संबंधों में व्याप्त तनाव की वजह से विवाहेतर संबंध बन जाते हैं। इसलिए सेक्स संबंधों में पैदा हुई अरूचि को समझना व सुलझाना बेहद जरूरी है।
समाधान: अपने पार्टनर को सेक्स से जु़डी अपनी पसंद और नापसंद के बारे में बताएं। रोमांटिक माहौल बनाएं और प्यार के पलों में अन्य सब बातों को भुला दें। एकांत के उन क्षणों में ऎसे विषय न उठाएं, जिससे आपका पार्टनर परेशान हो या चिढ जाए। सेक्स संबंध बनाना अपनी इच्छा थोपना नहीं, वरन् साथी की इच्छाओं का सम्मान करना भी है। सेक्स के लिए प्लानिंग करने में कोई बुराई नहीं है, इस तरह आपको साथी के साथ वक्त बिताने का इंतजार रहेगा।
बच्चे : बच्चे वैवाहिक रिश्ते में एक पुल का काम करते हैं लेकिन वे रिश्तों में उपजे कई विवादों का कराण भी हो सकते हैं। बच्चेे के जन्म, परवरिश व करियर को लेकर अक्सर कपल्स में बहस होती रहती है जिससे बच्चो के विकास पर भी असर प़डता है।
समाधान: बच्चों की बातों को विवाद का कारण न बनाएं। बच्चों के सामने कभी एक-दूसरे की बात न काटें। आपसी विचार-विमर्श करके ही उनकी परवरिश, करियर व जीवन से संबंधित निर्णय लें। पैरेंट्स को झगडते देख बच्चो इमोशनल ब्लैकमैलिंग करने से भी नहीं चूकते हैं, इसलिए उनके सामने अपने मतभेद कभी न प्रकट करे।
भावनाओं को समझे : वैवाहिक जीवन में तनाव या परेशानियां उस स्थिति में ज्यादा उपजती हैं जब पति-पत्नी एक दूसरे से अपने मन की बात या भावनाएं शेयर नहीं करते। यह कम्युनिकेशन गैप उनके अंदर गुस्से की भावना पैदा करता है।
समाधान: साथी से अपनी बात कहें, अपनी भावनाएं, मन की बाते शेयर करें। साथी की कोई बात अच्छी लगती है तो खुलकर प्रशंसा करें और उसकी कमियों पर भी अवश्य ध्यान दिलाएं। आपके बीच में चाहे कितना भी प्यार व समझदारी क्यो न हो, यह अपेक्षा न रखें कि साथी बिना कहे आपके दिल की सारी बातें समझ लेगा।

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