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प्यार का रिश्ता खट्टा-मीठा

By: Team Aapkisaheli | Posted: 02 Jun, 2012

प्यार का रिश्ता खट्टा-मीठा
पति-पत्नी के बीच आपसी मनमुटाव होना आम बात है। वैसे भी कहा जाता है कि जिस रिश्ते में तकरार या मनमुटाव न हो वह रिश्ता मजबूत नहीं रहता। इसलिए कभी कभी होने वाली तकरार रिश्तों की डोर को मजबूती प्रदान करती है लेकिन जब यह तकरार आए दिन होने लगती है तो वह रिश्तों को काटने का काम करती है। अगर पति-पत्नी के बीच सिर्फ प्यार रहे और दोनों हमेशा एकदूसरे की हां में हां मिलाते रहें तो कुछ दिनों में ही जिंदगी में ऊब होने लगेगी। लेकिन आप अपने मनमुटाव को ज्यादा लंबा न खिचे और जहां तक हो सके प्यार से बैठकर उसे बात सुलझा लें। आज के समय में परफेक्ट शादी जैसी कोई परिभाषा नहीं बनाई जा सकती। छोटी-छोटी बातों पर तकरार के लक्षण ज्यादा नजर आते हैं तो समझ जाना चाहिए कि आपका रिश्ता खतरे में है। एक दूसरे के प्रति अटैचमेंट तथा दिलचस्पी बनाये रखें। अपने साथी के साथ समय दें, जिससे रिश्तौं में मिठास रहें। कुछ बातों का ख्याल रख के आप अपने रिश्तें में प्यार व विश्वास की मिठास बनाएं रख सकते है।
रिस्पेक्ट
पति-पत्नी की गाडी पटरी पर तभी चलती है जब दोनों एक दूसरे का सम्मान करते हैं। आप अपने रिश्तें को तभी मजबूत बना पाएंगे जब जीवनसाथी की क मियों और खामियों को पूरी तरह से स्वीकार करें तथा आरोप लगाने के बजाय उन्हें सुधारने की कोशिश करें इससे एक दूसरे के प्रति सम्मान बढता है, जिससे आपका रिश्ता और करीबी हो जाता है आप जब अपने साथी का सम्मान करेंगे, तभी वो भी आपको उतनी ही रिस्पेक्ट देगा। साथी जैसा भी है उसे रिस्पेक्ट दें और याद रखें कि कोई सर्वगुण सम्पन्न नहीं होता तो फिर पति/पत्नी से ऎसी उम्मीद क्यों।
सुखदुख का साथ
जीवनसाथी आपके जीवन का एक मजबूत स्तम्भ होता है इसलिए अपने जीवन साथी को एक अच्छा दोस्त बनाइये। सुख में तो सभी साथ देते हैं लेकिन जो दुख में भी साथ दें वहीं सच्चा साथी होता है शादी के बाद अगर आप अपने साथी को अपना बेस्ट फ्रेंड बना लेते है हैं, तो आप उनसे सभी बातें शेयर कर सकते हैं परेशानी के समय आप अपने साथी को बताकर उनका हल निकाल सकते है सुखदुख जीवन रूपी गाडी के दो पहिए हैं, इस बात को ध्यान में रख कर मुश्किल वक्त में अपने जीवनसाथी का सहारा बनें।
साथी पर विश्वास करें
कोई भी रिश्ता तभी कामयाब हो सकता है जब आपसी कमिटमेंट हो इसलिए पति-पत्नी बीच के संबंध को और भी मजबूत बना सकते है और अपने साथी पर हमेशा विश्वास करें। आप अपने साथी से सिर्फ प्रेम ही नहीं बल्कि उस पर विश्वास भी करते हैं तो आपके रिश्ते की डोर कभी कमजोर नहीं पड सकती है। एक-दूसरे के साथ जो भी समय बिताएं, उसे सिर्फ प्रेम पूर्वक बिताएं जीवनसाथी के साथ समय व्यतीत करने का तरीका ही उसके मन में आप के लिए पैदा होने वाली भावनाओं का निर्धारक साबित होगा।
फैसला
कोई भी काम करने से पहले आप अपने साथी से सलाह लेना कभी न भूलें। चाहे फैसला छोटा हो या बडा आप उन से पूछ कर ही करें क्योकि आप दोनों एकदूसरे से जुडे हैं और शायद उनके मशवरे से काम आसान हो जाएं या गलत फैसला लेने से बच जाएं।
बहस न करें
बहस प्रेम की बहती धारा में हमेशा रूकावट का काम करती है। कई बार साधारण सी बातचीत भी अलग-अलग सोच और मानदंडों के कारण कलह का रूप ले लेती है। आवेश में आने पर कोई दूसरे की बात नहीं समझता और अगर बहस के समय दोनों में से एक शांत हो जाए तो मामला खत्म हो सकता है।ं सब कुछ शांत हो जाने के बाद प्यार से एक-दूसरे के सामने अपना पक्ष रखें।
रिश्तों में आजादी
आजादी हर रिश्ते में जरूरी हैं चाहे पति हो या पत्नी एक दूसरे को बराबरी का हक देना आवश्यक होता हैं ये भी कोई जरूरी तो नहीं कि पति-पत्नी के शौक एक जैसे हों एक बात तो है बराबरी के हक की बात तो हर कोई फोलों नहीं करते। लेकिन रिश्ते की नींव मजबूत बनाने के लिए आजादी तो की नींव कमजोर ना पडने दें। हमेशा इस बात का ध्यान रखिए कि हर बार हर बात बिन कहे नहीं समझा जा सकती, उसके लिए बातचीत बनाये रखना जरूरी हैं।
1. ऑफिस की प्राब्लम को और व्यस्तताओं का गुस्सा अपने रिश्ते पर न निकालें। काम का दबाव हो तो आपस में मिलकर उस का समाधान ढ़ूंढे। आपका सहयोगात्मक व्यवहार आपके साथी को आप के और नजदीक ले आएगा।
2. आज की भाग दौड की लाइफ में समय की सबसे अधिक कमी है। खासतौर पर जब दोनों ही नौकरी करते हों। रिश्तों में गरमाहट बनाये रखने के लिए जरूरी है कि चाहे कम ही सही पर क्वालिटी समय दें। इससे आप ज्यादा संतोष व सुरक्षित महसूस करेंगे।
3. एकदूसरे की पसंद का ख्याल रखें। कभी-कभी अपनी व्यस्त जिंदगी में से समय निकाल कर अपने साथी की पसंद का कुछ बनाएं। फिर देखिए आप के रिश्ते में कितनी गरमाहट आती है। एकदूसरे के प्रति प्यार विश्वास सम्मान सहयोग समर्पण और स्वीकार्यता का भाव सफल वैवाहिक जीवन के आधारस्तंभ हैं।

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