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होठों का शृंगार

By: Team Aapkisaheli | Posted: 21 May, 2012

होठों का शृंगार
सिर्फ लिपस्टिक से बात नहीं बनेगी। एक्स्ट्रा शाइन के लिए शिमर, लिपस्टिक स्टेन या ग्लॉस भी लगाना जरूरी है। आप भी अपने लबों की खूबसूरती में इजाफा कीजिए कुछ इस तरह-
मैट लिपस्टिक : मैट लिपस्टिक अपारदर्शी शेड्स में आती है। इस तरह की लिपस्टिक चौडे व बडे मुंहवाली युवतियों पर फबती हैं। इसे लगाने से पहले होंठों पर हल्की सी क्रीम मल लें। जिससे होंठ नमी युक्त हो जाएं व रूखे ना दिखे।
हाई शाइन : लिपस्टिक और लिपग्लॉस एक साथ मिलाकर बनाए जाते हैं, जिन्हें हाई शाइन या ग्लेजवेअर लिपस्टिक कहा जाता है। ये सामान्य लिपग्लॉस की तुलना में होठों पर ज्यादा समय तक टिकती है। ग्लिमरस्टिक, फ्रॉस्ट और शिमर जैसे लिपस्टिक के प्रकार छोटे और गुलाबी रंग के होंठवाली महिलाओं पर खूब फबती है। इससे उनके होंठ भरे-भरे और आकर्षक दिखायी देते हैं।
क्रीम लिपस्टिक : बहुत रूखे होंठों के लिए क्रीम युक्त लिपस्टिक फायदेमंद होती है। विटामिन ई, एलोवेरा या ग्लिसरीन युक्त लिपस्टिक रूखे होंठों के लिए असरदार है।
नॉनट्रांसफरेवल लिपस्टिक : इस तरह की लिपस्टिक भले ही मॉइश्चराइजरयुक्त हो, लेकिन लगाने पर होंठ सूखे हुए महसूस होते हैं।
लिपस्टिक की वैराइटी :
लिक्विट लिपस्टिक : लिक्विड लिपस्टिक और लिपग्लॉस में अंतर है। लिक्विड लिपस्टिक एक तरह से लिपस्टेन होती है, जिसमें वैक्स की तुलना में तेल की मात्रा ज्यादा होती है। इन्हें होंठों पर लगाने के लिए तरह-तरह के एप्लिकेटर इस्तेमाल में लाते हैं। कुछ एप्लिकेटर के ब्रश पर स्पंज लगा होता है, किसी पर सिर्फ ब्रश होता है, तो किसी में दोनों होते हैं। होंठ पतले हैं, तो पतले ब्रुशनुमा एप्लिकेटर का इस्तेमाल करें।
लिपग्लॉस : यह बिना रंग के और तरह-तरह के फ्लेवरयुक्त होते हैं। होंठों पर लिपस्टिक लगाने के बाद एक्स्ट्रा शाइन के लिए इसका इस्तेमाल होता है। लिपग्लॉस ट्यूब और रोलऑन में भी आती है।
लिपस्टेन : यह एक तरह की लिपस्टिक है, जो टेबलेट के रूप में आती है। इसे स्पंज और ब्रुश की सहायता से लगाया जाता है। एक्स्ट्रा शाइन से लिए लिपग्लॉस भी इसमें मिलाया जाता है।
लिप क्रेयॉन : लिप क्रेयॉन लिप पेंसिल की तरह दिखाई देते हैं, लेकिन ये लिप पेंसिल की तुलना में पतले होते हैं, इसलिए इन्हें आसानी से पकड कर लगाया जा सकता है। लिपस्टिक की जगह सिर्फ लिप क्रेयॉन का भी प्रयोग किया जा सकता है।
लिप पेंसिल : लिप पेंसिल सामान्य पेंसिल की तरह ही दिखाई देती है। इसे भी पेंसिल की तरह आसानी से शार्प किया जा सकता है। यह मैट और थोडे चमकीले दोनों रूपों में उपलब्ध है। इसमें वैक्स की मात्रा अधिक होने के कारण क्रेयॉन की तुलना में इसकी टिप ज्यादा कमजोर होती है।
लिप लाइनर : यह लिप पेंसिल की तुलना में मोटी होती है। लिपस्टिक के रंग को ध्यान में रखते हुए इसका चयन करें। ये पेंसिल या पेन दोनों रूप में मिलती है।

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