ब्रेस्ट कैंसर के प्रति रहें सावधान

महिलाओं के पूरे जीवन में समय-समय पर स्तनों से द्रव्य का रिसाव होता रहता है जो एक साधारण बात है। गर्भावस्था में लगातार रिसाव हो तो भी डरने की जरूरत नहीं है। लेकिन çस्त्रयों के स्तन के निप्पल से जब कभी लाल, गुलाबी या भूरे रंग का स्त्राव होने लगे तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। यह स्तन कैंसर या किसी अन्य तरह के खतरे की निशानी हो सकती है। गर्भावस्था को छोडकर अन्य किसी समय यदि स्तन से लगातार द्रव्य का स्त्राव हो तो तत्काल इसकी जांच जरूरी है। वैसे केवल एक ही स्तन से स्त्राव अधिक चिंता का विषय है यह किसी भी रूप में सामान्य नहीं है।
स्तन किस तरह से बने होते है?
स्तन दूध निर्माण करने वाली कई ग्रंथियों से मिलकर निर्मित हुआ है। ये ग्रंथियां एक नली द्वारा स्तन के निप्पल से जुडे होते हैं, जिससे दूध या अन्य द्रव्य बाहर आता है। ये ग्रंथियां चर्बीदार ऊतकों से घिरी होती है जो स्तन का मांसल हिस्सा होता है।
स्तनों का सही माप क्या है?
अलग-अलग लडकियों में स्तनों का माप भिन्न-भिन्न होता है। किसी के स्तन छोटे तो किसी के बडे और अधिक चर्बीयुक्त होते हैं। किशोरावस्था में अक्सर छोटे स्तनों की वजह से कुछ लडकियां हीनभावना पाल लेती हैं लेकिन आकार से स्तनों की संवेदना पर कोई असर नहीं पडता है। स्तनों का आकार बहुत कुछ उनके गुणसूत्र व खानपान पर निर्भर करता है। फैशन के इस जमाने में कपडों की फि टिंग या आत्मविश्वास के लिए वह बडे स्तनों की चाह रख सकती हैं, लेकिन इसके लिए बाजार में पैडयुक्त ब्रा आने से यह समस्या भी दूर हो गई है।
 क्या स्तनों का आकार बढाने की कोशिश करना उचित है?
कई लडकियां छोटे स्तनों की वजह से हीन भावना की शिकार हो जाती हैं और बाजार से तरह-तरह की स्तन बढाने वाली क्रीम खरीदकर आजमाती हैं। चिकित्सीय दृष्टि से यह ठीक नहीं है। किसी क्रीम आदि की सहायता से स्तनों के आकार बढने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। प्लास्टिक सर्जरी द्वारा कृत्रिम रूप से स्तनों का आकार बढाया जा सकता है, लेकिन लंबी अवधि में इसके दुष्परिणाम आने क ी संभवना रहती है।
 स्तनों के आकार में अंतर क्यों आता है?
हर महीने होने वाले पीरियड या माहवारी के कारण स्तनों के आकार-प्रकार में अंतर आ सकता है। हार्मोन स्तनों को गर्भावस्था के लिए तैयार करते हैं, जिस कारण माहवारी के दिनों में स्तन थोडे बडे, कडे और संवेदनशील हो जाते हैं। इस दौरान छूने से इनमे दर्द भी हो सकता है तो एक सामान्य बात है। पीरियड समाप्त होने पर स्तन फि र से अपने स्वाभाविक आकार को ग्रहण कर लेते हैं। शादी के बाद गर्भ ठहरने से रोकने के लिए गर्भनिरोधक गोलियों के प्रयोग की वजह से भी स्तन के आकार में बदलाव आ सकता है। ऎसा गर्भनिरोधक गोलियों में स्त्री हार्मोन होने के कारण होता है।.

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