1 of 1 parts

बच्चों के हाथ में सिक्का ही नहीं समझ भी दें, भविष्य की सुरक्षा के लिए 4 बेमिसाल वित्तीय मंत्र

By: Team Aapkisaheli | Posted: 16 Apr, 2026

बच्चों के हाथ में सिक्का ही नहीं समझ भी दें, भविष्य की सुरक्षा के लिए 4 बेमिसाल वित्तीय मंत्र
आज के दौर में हर माता-पिता के लिए दो सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं पहली बच्चे की सेहत और दूसरी उसकी खुशी। लेकिन एक तीसरी चिंता है जो बच्चों के बड़े होने के साथ-साथ गहरी होती जाती है और वह है आर्थिक आत्मनिर्भरता। हालिया अंतरराष्ट्रीय सर्वे स्टैंडर्ड लाइफ बैंक बताते हैं कि 70% से अधिक माता-पिता इस बात को लेकर तनाव में रहते हैं कि क्या उनके बच्चे बड़े होकर अपना आर्थिक बोझ खुद उठा पाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि वित्तीय साक्षरता कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो बच्चे स्कूल से सीखें इसकी नींव घर पर ही रखनी पड़ती है। 
भविष्य की बचत क्यों है मुश्किल: 
ड्यूक यूनिवर्सिटी के बिहेवियरल इकोनॉमिस्ट डैन एरीली के अनुसार पैसे की कोई भौतिक सीमा न होना ही सबसे बड़ी चुनौती है। जब बच्चों को यह नहीं पता होता कि पैसा खत्म हो सकता है तो उनके लिए भविष्य की योजना बनाना असंभव हो जाता है। इसी गुत्थी को सुलझाने के लिए विशेषज्ञों ने ये खास गुरु मंत्र साझा किए हैं। 

अनुभव से सीखने की आज़ादी: 
सिर्फ उपदेश देने से बच्चे पैसे की कद्र नहीं सीखेंगे। विशेषज्ञों का सुझाव है कि बच्चों को पॉकेट मनी या छोटे खर्चों का नियंत्रण देना चाहिए। उन्हें छोटी-छोटी वित्तीय गलतियां करने दें। जब वे अपनी पॉकेट मनी गलत जगह खर्च करके अपनी पसंदीदा चीज़ नहीं खरीद पाएंगे तब उन्हें पैसे की सीमित प्रकृति का असली अहसास होगा। 

बैंकिंग और निवेश से दोस्ती: 
बच्चों को बैंक की कार्यप्रणाली से जोड़ना उन्हें ज़िम्मेदार बनाता है। लंबी अवधि के विकल्प: उन्हें बैंक ले जाएं और उनके नाम से एक लंबी अवधि का बचत खाता FD या बचत खाता खुलवाएं। 

विजुअल प्रोग्रेस: 
उन्हें दिखाएं कि उनका पैसा कैसे सुरक्षित है और समय के साथ बढ़ रहा है। उन्हें समझाएं कि यह पैसा उनकी उच्च शिक्षा या पहली कार जैसे बड़े लक्ष्यों के लिए है। 

कम्पाउंडिंग यानी गणित का जादू: 
अल्बर्ट आइंस्टीन ने चक्रवृद्धि ब्याज को दुनिया का आठवां अजूबा कहा था। बच्चों को उदाहरण देकर समझाएं। अगर आज आप ₹100 बचाते हैं और उस पर ब्याज मिलता है तो अगले साल ब्याज सिर्फ आपके ₹100 पर नहीं बल्कि उस पर मिले ब्याज पर भी मिलेगा। यह ब्याज पर ब्याज का सिद्धांत उन्हें कम उम्र में निवेश शुरू करने के लिए प्रेरित करेगा। 

गुल्लक अनुशासन की पहली पाठशाला: 
डिजिटल पेमेंट के दौर में बच्चों के लिए पैसा एक अदृश्य चीज़ बनता जा रहा है। उनके लिए एक गुल्लक खरीदें। जब वे भौतिक रूप से सिक्के और नोट जमा करते हैं तो उन्हें पैसों के मूल्य और उन्हें सहेजने की आदत का व्यावहारिक ज्ञान होता है। यह उन्हें सिखाता है कि पैसा खिलौना नहीं बल्कि एक सुरक्षित संसाधन है। म

हंगाई के इस दौर में बच्चों के लिए केवल पैसा छोड़ जाना काफी नहीं है बल्कि उन्हें पैसे का सही इस्तेमाल सिखाना सबसे बड़ा निवेश है। आर्थिक रूप से जागरूक बच्चा न केवल अपना भविष्य सुरक्षित करता है बल्कि वह अनपेक्षित चुनौतियों के लिए भी मानसिक रूप से तैयार रहता है। याद रखें आप जो आज उन्हें सिखाएंगे वह कल उनकी वित्तीय आज़ादी की नींव बनेगा। 

- हेमलता शर्मा, जयपुर

#सावधान! रसोई में रखी ये 5 चीजें, बन सकती है जहर!


New, Delhi, Health, Desk, parents, priorities, children, health, happiness, financial, independence, parenting, concerns, future, security, growth,

Mixed Bag

News

पाकिस्तान में बाल विवाह को लेकर बढ़ती चिंता, किशोरियों से छीना जा रहा बचपन
पाकिस्तान में बाल विवाह को लेकर बढ़ती चिंता, किशोरियों से छीना जा रहा बचपन

Ifairer


Warning: PHP Startup: Unable to load dynamic library '/opt/cpanel/ea-php54/root/usr/lib64/php/modules/xsl.so' - /lib64/libxslt.so.1: symbol xmlGenericErrorContext, version LIBXML2_2.4.30 not defined in file libxml2.so.2 with link time reference in Unknown on line 0